News Flash
black spots state

जिला कांगड़ा में सबसे अधिक 107 ब्लैक स्पॉट

266 स्थानों पर बार-बार होते है हादसे

नवीन शर्मा। सोलन
हिमाचल प्रदेश में होने वाले सड़क हादसों के सम्बंध में अक्टूबर 2018 से दिसंबर 2018 तक 108 एम्बुलेंस को आधार बना कर सर्वे किया गया है। इस सर्वे की रिर्पोट में खुलासा हुआ है कि प्रदेश में 737 ऐसे स्थान है जहां पर सबसे अधिक दुर्घटनाओं की प्रवृति रही है और 266 ऐसे स्थान जहां बार-बार सड़क हादसे होते हैं। जबकि 22 ऐसे स्थान हैं जहां पर बहुत ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं।

इस रिर्पोट में दर्शाया गया है कि सड़क हादसों का मुख्य कारण क्या है, उन्हें कैसे रोका जा सकता है, सड़क हादसों का समय, व सप्ताह के कौन से दिन सबसे अधिक हादसे होते हैं। इन सड़क हादसों में आयु वर्ग के हिसाब से शिकार होने वालों की संख्या के साथ ये भी बताया गया है कि कौन से जिले में कितने ब्लैक स्पॉट हैैं।

प्रदेश में सबसे अधिक ब्लैक स्पॉट जिला कांगड़ा में है। कांगड़ा में 107 ब्लैक स्पॉट है। जबकि जिला शिमला में 96, मंडी में 81, सोलन में 76, चम्बा में 69 , कुल्लू में 64, सिरमौर में 57, ऊना में 54, हमीरपुर में 54, बिलासपुर में 53, किन्नौर में 14 व लाहौल स्पीति में 12 ब्लैक स्पॉट है।

पिछले 8 वर्षो के रूझान दिखाते हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं सप्ताह के आखिर में/अवकाश में और छुट्टियों में अपने चरम पर होती हैं। दिन और घंटों के हिसाब से किए गए विश्लेषण के आधार पर पाया गया कि सूड़क दुर्घटनाएं सबसे ज्यादा सप्ताह के अंत में और शाम के समय 2 से 9 बजे के बीच में होती हैं। महीने के हिसाब से मई से अगस्त तथा अक्तूबर व नवम्बर माह में अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। वहीं, यदि हिमाचल प्रदेश में उम्र व लिंग के हिसाब से सड़क दुर्घटनाओं के रूझान की बात करें तो प्रदेश में दुर्घटना से पीडि़त 40 प्रतिशत युवावस्था के होते हैं। महिलाओं की अपेक्षा पुरूष सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादा प्रभावित होते हैं जिनकी भागीदारी 81 प्रतिशत है।

ये है हादसों के मुख्य कारण…

अध्ययन के नतीजों के आधार पर सड़क हादसों के मुख्य कारणों का भी खुलासा किया गया है।

-प्रदेश में निम्न स्तर की सड़क सुविधा
-गति की अनदेखी
-शराब पीकर ड्राइविंग की आदत
-बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाना
-बच्चे के लिए अलग से सीट का न होना

ऐसे बचाव मुमकिन

उपयुक्त निर्देश, रैलिंग और पैराफीट लगाकर, मोड़ों को सुधारकर, ब्लैक स्पॉट पर स्पीड ब्रेकर लगाकर तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पेट्रोलिंग द्वारा हादसों को कम किया जा सकता है।

लाइफ लाइन बनी 108 सेवा…

सड़क हादसों के घायलों के लिए 108 सेवा लाइफ लाइन का कार्य कर रही है। 108 आपातकालीन सेवा प्रबंधन द्वारा निपटाई गई कुल आपातकालीन घटनाओं में 5. 68 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं है। पिछले 8 वर्षों से अपनी सेवाएं प्रदान करते हुए 108 ने 64,118 सड़क दुर्घटनाओं में घायलो को संभाला है। शहरी क्षेत्रों में108 ऐंबुलेंस सेवा द्वारा सड़क हादसों से संबंधित मामले मेें मात्र 10 मिनट में तथा ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 19 मिनट में आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध करवाईं जाती है।

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams