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8 children, including 7 children, died in school bus ditch

चालक सहित चार ने मौके पर ही तोड़ा दम, तीन ने अस्पताल, एक ने पीजीआई में ली अंतिम सांस ,  शिक्षा मंत्री ने दिए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। नाहन : श्रीरेणुकाजी के पास ददाहू-संगड़ाह मार्ग पर खड़कोली नामक स्थान पर एक स्कूली बस गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 3 स्कूली बच्चों और चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 नौनिहालों ने अस्पताल में दम तोड़ा। यह दर्दनाक हादसा शनिवार प्रात: लगभग 8 बजे के करीब हुआ। बस में 17 स्कूली बच्चों समेत 19 लोग सवार थे।

पीजीआई रैफर एक अन्य घायल आरुषि ने पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉ. डीडी शर्मा ने पीजीआई चंडीगढ़ रैफर की गई आरुषि की उपचार के दौरान मृत्यु की पुष्टि की है। जानकारी के मुताबिक ददाहू स्थित ददाहू आदर्श विद्या निकेतन (डीएवीएन) की स्कूली बस (एचपी-71-4993) रजाना से श्रीरेणुकाजी की ओर आ रही थी कि खड़कोली के समीप बस गहरी खाई में गिर गई। हादसे में घायलों को आपातकालीन सेवा 108 व निजी वाहनों से पहले ददाहू अस्पताल लाया गया, जहां से घायल 12 बच्चों को डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन लाया गया।

गंभीर रूप से घायल 6 बच्चों को पीजीआई चंडीगढ़ व गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज सेक्टर 32 रैफर किया गया है। इनमें से एक घायल छात्रा आरुषि ने पीजीआई में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, उपायुक्त सिरमौर ललित जैन, पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी सहित अन्य अधिकारियों ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घायलों के उपचार के लिए व्यवस्था करवाई।

शिक्षा, विधि एवं संसदीय मामले मंत्री सुरेश भारद्वाज ने स्कूल बस दुर्घटना के प्रति गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीडि़त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि बस दुर्घटना की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए गए हैं और एसडीएम संगड़ाह राजेश धीमान को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। डीसी ललित जैन ने बताया कि मृतक बच्चों व वाहन चालक के परिजनों को फौरी राहत के रूप में 20-20 हजार रुपये और घायल व्यक्तियों को 10-10 हजार रुपये की राशि मौके पर प्रदान की गई है।

इसके अतिरिक्त चंडीगढ़ रैफर किए गए गंभीर रूप से घायल बच्चों के परिजनों को रेडक्रॉस एवं रोटरी क्लब द्वारा 50 हजार की सहायता राशि इलाज के लिए उपलब्ध करवाई गई। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री ने सिरमौर जिले के रेणुका जी निर्वाचन क्षेत्र के खड़कोली के समीप एक स्कूल बस दुर्घटना में छह स्कूली बच्चों की मौत पर गहरा दुख प्रकट किया।

मृतकों की सूची

श्रीरेणुकाजी में हुई स्कूल बस दुर्घटना में समीर (5) पुत्र राज कुमार, कार्तिक (14) पुत्र बाबूराम, आदर्श (7) पुत्र गोपाल सिंह, नैतिक चौहान (5) पुत्र ओम प्रकाश, अभिषेक (7) और कुमारी संजना (6) पुत्री विजेंद्र सिंह, आरुषि, वाहन चालक रामस्वरूप (40) पुत्र हीरा सिंह माईना की मौत हो गई।

घायलों की सूची: संध्या, रक्षिता, राजीव, अंजलि, धु्रव, मन्नत, वैष्णवी, आयुष, सुमित, साक्षी और सुंदर सिंह हादसे में घायल हुए हैं।

घायलों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा: बिंदल

विस अध्यक्ष ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि घायलों को निशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों एवं स्टाफ के सभी सदस्यों द्वारा तत्परता से दी गई त्वरित सेवाओं के लिए सराहना की।

राज्यपाल-सीएम ने जताया दुख

शिमला। राज्यपाल आचार्य देवव्रत तथा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सिरमौर जिले के श्रीरेणुकाजी निर्वाचन क्षेत्र के खड़कोली के समीप एक स्कूल बस दुर्घटना में 7 स्कूली बच्चों की मृत्यु पर गहरा दुख प्रकट किया। राज्यपाल ने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिला प्रशासन को दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। परिवहन मंत्री गोबिंद सिंह ने भी हादसे को दुखद बताया।

हाईकोर्ट ने पूछा :कैसे सुनिश्चित हो स्कूली बच्चों की सुरक्षा?

शिमला। प्रदेश हाईकोर्ट ने नूरपुर स्कूल बस हादसे पर लिए संज्ञान वाले मामले में सभी पक्षकारों को सुझाव के तौर पर यह बताने के आदेश दिए कि कैसे पूरे प्रदेश के स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मामले पर सुनवाई 22 मार्च के लिए टल गई। इससे पहले कोर्ट ने सरकार से शपथ पत्र के माध्यम से यह स्पष्टीकरण देने को कहा था कि प्रदेश के सभी निजी शिक्षण संस्थानों में बच्चों को घरों से स्कूलों तक लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाली व्यवस्था पर निगरानी की कोई प्रणाली है या नहीं? कोर्ट ने पूछा था कि स्कूलों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली बसों की निगरानी के लिए स्थानीय प्रशासन ने क्या तरीका निकाला हुआ है?

 

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