हिमाचल के ऊपरी क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते लिया निर्णय

हिमाचल दस्तक,चंद्रमोहन/राजेश। ऊना/नंगल

हिमाचल प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण भाखड़ा बांध की गोबिंद सागर झील में जल स्तर बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। इसको देखते हुए भाखड़ा प्रबंध बोर्ड ने डैम के चारो फ्लड गेट तक खोल दिए हैं। हालांकि भाखड़ा प्रबंधन ने साफ किया है इससे कोई चिंता की बात नहीं है।

भाखड़ा बांध के चीफ  इंजीनियर अश्वनी कुमार अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को भाखड़ा बांध का जल स्तर 1674 फुट तक पहुंच गया है। जबकि भाखड़ा डैम में अधिक से अधिक 1680 फुट तक पानी आ सकता है। बोर्ड ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए 3 से 4 फुट तक फ्लड गेट खोलने का फैसला लिया है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही बारिश से डैम में 55000 क्यूसिक पानी झील में आ रहा है। अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में बिजली उत्पादन के लिए टरबाईनों के माध्यम से 36000 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन झील में बढ़ रहेे पानी के कारण अब बोर्ड ने फ्लड गेट खोलने का फैसला लिया, ताकि अगर अधिक बारिश के कारण पानी बढ़ जाए, तो बाढ़ का खतरा न बने।

अब भाखड़ा बांध से 50 से 55 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा जाएगा। इसमें करीब 23000 क्यूसिक नहरों में और 27 से 30 हजार क्यूसिक पानी सतलुज दरिया में छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सतलुज में पानी छोडऩे से पहले बोर्ड ने डीसी रूपनगर व प्रशासन के अन्य अधिकारियों व पुलिस को इस संबंध में सूचित कर दिया है, ताकि निचले एरिया में रहने वाले लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अगर सतलुज दरिया में स्वां नदी या अन्य खड्डों का पानी अधिक मात्रा में आए, तो बोर्ड उस दिन भाखड़ा से कम पानी छोड़ेगा, ताकि पंजाब में किसी भी तरह की बाढ़ का खतरा न बनें।

उन्होंने कहा कि आज बोर्ड द्वारा शाम तक तीन से चार फुट तक छोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा प्रशासन द्वारा स्थिति पर हर समय पूरी नजर रखी जा रही है। भाखड़ा बांध का खतरे के निशान 1680 फुट तक के संबंध में चीफ  इंजीनियर ने कहा कि पानी को 1700 फुट तक भी ले जाया जा सकता है।

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