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suresh bhardwaj

कहा फिजूलखर्ची की बजाय स्कूल के विकास पर खर्च करें पैसा

मशोबरा स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में नहीं ली शॉल व टोपी

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला

स्कूली कार्यक्रमों में आने वाले अतिथियों को शॉल-टोपी व अन्य चीजें भेंट करने वाले स्कूलों पर सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि सरकार की ओर से यह आदेश पहले भी जारी किए गए थे, बावजूद इसके स्कूली कार्यक्रमों में शॉल व टोपी पहनाने का सिलसिला जारी था। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने रविवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मशोबरा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अगर स्कूलों में अतिथि को शॉल व टोपी पहनाने पर खर्च किया तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए सरकार की ओर से लिखित आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने मशोबरा स्कूल में शॉल व टोपी लेने से भी इनकार कर दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के लिए बजट जारी किया जाता है न कि इस तरह के फिजूल खर्चों के लिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के फिजूल खर्चों की बजाय स्कूल के विकास पर पैसा खर्च किया जाए ताकि छात्रों को अच्छी सुविधाएं मिल सकें और उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए। गौर रहे कि सरकार की ओर से पहले से ही स्कूलों में शॉल व टोपी और इस तरह की चीजें भेंट करने पर पाबंदी लगाई गई है। अब शिक्षा मंत्री ने इन आदेशों का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

अपनी जेब से भी खर्च न करें पैसा

शिक्षा मंत्री ने साफतौर पर कहा कि स्कूल में इस तरह के फिजूल खर्चों ंके लिए बजट नहीं दिया जाता, बल्कि स्कूल के विकास के लिए बजट जारी किया जाता है। कुछ लोग कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपनी जेब से इसके लिए पैसा खर्च करते हैं। उन्होंने कहा कि उस पैसे को इन कामों की बजाय स्कूल की भलाई के लिए खर्च किया जाए।

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