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बदले व्यवहार ने किया हर किसी को कायल

अपनों के बीच अपनेपन से मिल मोहा मन

राजीव भनोट। ऊना
क्रिकेट के खेल से राजनीति में आए अनुराग ठाकुर ने भी शायद ऐसा नहीं सोचा होगा कि वे लगातार जीत का चौका लगाएंगे और देश के ताकतवार नेता नरेंद्र मोदी की सरकार में बतौर वित्त राज्यमंत्री शामिल होंगे। अनुराग की जीत में जहां धूमल परिवार के राजनीतिक कष्टों को हरने का काम किया, तो वहीं अमित शाह के वादे से अनुराग बड़े कद के नेता भी बन गए है। अनुराग के लिए चौथी चुनाव जीत अनेक सबक लेकर भी आई है। मंत्री बनने के बाद अपने दो दिन के प्रवास पर अपने हमीरपुर हलके में आभार व्यक्त करने पहुंचे अनुराग पूरी तरह से बदले हुए रंग में नजर आए।

जिस प्रकार फल से पेड़ झुकता है, उसी तरह अनुराग भी अपने व्यवहार को लेकर खासे बदलाव में दिखे। अनुराग के ऊपर हाई फाई कल्चर, विदेशी दौरों, कार्यकर्ताओं से दूर रहने के आरोप चुनावों में विपक्ष की ओर से लगते रहे हैं, लेकिन राजनीति के टर्निंग प्वाइंट पर खड़े धूमल परिवार को संसदीय चुनावों में संजीवनी देने का काम किया, तो वहीं अनुराग भी चुनावों में मिली जनता की फीडबैक को अमल में लाने लगे हैं। अनुराग ने स्वागत व आभार कार्यक्रमों में जहां जनता व कार्यकर्ताओं के साथ नजदीकी रिश्ता बनाने का काम किया, वहीं हर वर्ग से जुड़े लोगों को मिलने के लिए खुद आगे आएं।

वहीं कार्यकर्ताओं को नाम से पुकारते दिखे। कार्यकर्ताओं व नेताओं के बीच मजबूत होती कड़ी से वर्कर भी उत्साहित नजर आए। वरिष्ठ नेताओं के साथ अनुराग ने जहां सम्मान का भाव दिखाया, तो वहीं युवा वर्ग के साथ दोस्तों जैसा व्यवहार करते हुए खूब सेल्फी खिंचवाई। बुजुर्गों के पांव छूने से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एक बेहतर नेतृत्व के रूप में मिलते हुए अनुराग ने कमजोर कडिय़ों को मजबूत बनाने का प्रयास किया।

अनुराग के स्वागत में पहुंचे ऊना के रामपाल सैणी, पवन ठाकुर, पवन कपिला ने कहा कि अनुराग ठाकुर ने राज्य मंत्री बनने के बाद जिस प्रकार का स्नेह दिखाया है, वह हमारे लिए खास है। उन्होंने कहा कि निशिचत रूप से ये व्यवहार पहले से बदला हुआ लगा है, जो कि अच्छी बात है। वहीं ऊना की पुष्पा चौधरी, सत्या राणा, नर्मदा, लक्ष्मी जरियाल, उर्मिला चौधरी ने कहा कि अनुराग ठाकुर के रूप में एक बड़े पद का नेता हमे मिला है।

अनुराग का यह कहना कि मैं आपके लिए न तो नेता हूं न मंत्री हूं, मुझे मिलने में कोई संकोच न करें, क्योंकि मैं आपके लिए अनुराग ही रहूगां। इन शब्दों ने हमें प्रभावित किया है। वहीं राजकुमार पठानिया, बलराम बबलू, राजीव कालिया, लखवीर लक्खी, कमल सैणी, राहुल देव ने कहा कि अनुराग के प्रति हताशा व निराशा में दुष्प्रचार किया जाता था। अब जब अनुराग केंद्र में मंत्री बने हैं और उन्होंने विन्रमता के साथ जनता का अभिवादन स्वीकार किया, उससे झुठे प्रचार को मुंह तोड जबाव मिला है। उन्होंने कहा कि अनुराग जनता के बीच रहने वाले कार्यकर्ता हैं और रहेंगे।

जमीन से जुड़े रहे, तो बनेंगे ताकतवर

अनुराग ठाकुर की चौथी जीत व केंद्रीय राज्य मंत्री बनना चाहे राजनीतिक में उनके कद को बड़ा करता है, लेकिन यदि वे बदले व्यवहार के साथ हमीरपुर हलके की जमीन से जुड़े रहे तो निश्चित रूप से उनकी जड़े मजबूत होंगी।

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