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लगातार आठवां चुनाव लड़ रही हैं आशा, ठाकुर पहली बार मैदान में, दो निर्दलीय

कुल मतदाता : 65787

महिला : 32102, पुरुष : 33685

ग्राउंड रिपोर्ट।। डलहौजी / सोमी प्रकाश भूव्वेटा

डलहौजी विस क्षेत्र में हमेशा ही जोरदार मुकाबला होता रहा है। इस बार भी है। फर्क यह है कि इस बार पुरानी जोड़ी सामने नहीं है। कांग्रेस टिकट पर तो आशा कुमारी ही मैदान में है लेकिन भाजपा ने रेणू चड्ढा की जगह DS ठाकुर पर दांव खेला है। आशा कुमारी ने 1985 में पहला विस चुनाव लड़ा था। अब तक पांच चुनाव जीत चुकी हैं। इस बार वह आठवां विस चुनाव लड़ रही हैं। आशा कुमारी अब तक गंधर्व सिंह और रेणू चड्ढा से मुकाबला करती रही हैं। इस बार बीजेपी ने पार्टी के जिलाध्यक्ष को उनके मुकाबले में उतारा है।

भाजपा के जिलाध्यक्ष DS ठाकुर को जिले में संगठन का खासा तजुर्बा

इस विस क्षेत्र से दो और उम्मीदवार विरेंद्र शर्मा और ध्यान सिंह भी मैदान में हैं। लेकिन मुकाबला कांग्रेस बनाम भाजपा ही है। दोनों प्रत्याशी संगठनात्मक दृष्टि से काफी मजबूत हैं। आशा कुमारी को कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और पंजाब की प्रभारी के तौर पर कार्य करने का अनुभव है। पंजाब की जीत के बाद तो उनका रुतबा वैसे भी बढ़ा है। दूसरी बार भाजपा के जिलाध्यक्ष DS ठाकुर को जिले में संगठन का खासा तजुर्बा है। कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद है। लेकिन चुनाव पहली बार लड़ रहे हैं।

दोनों लीडर का पार्टी में अच्छा कद होने के कारण राष्ट्रीय स्तर के नेता उनके प्रचार में डटे हैं। आशा कुमारी के पक्ष में अब तक पंजाब के आधा दर्जन से भी अधिक नेताओं के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय नेता शकील अहमद प्रचार कर चुके हैं। हाल ही में बड़े मार्जन से गुरदासपुर से लोकसभा उपचुनाव जीतने वाले सुनील जाखड़ भी आशा के पक्ष में प्रचार करने यहां पहुंच चुके हैं।

बीजेपी प्रत्याशी के प्रचार के लिए स्वयं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बनीखेत में जनसभा कर चुके हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन भी क्षेत्र में कई जगह जनसभा करके मतदाताओं से DS ठाकुर के पक्ष में वोट करने की अपील कर चुके हैं। पिछले चुनाव में यहां से आशा कुमारी ने जीत हासिल की थी।

चूड़ी, टी-शर्ट, रेनकोट सब है

दोनों पार्टी के उम्मीदवार अनोखे अंदाज में प्रचार कर रहे हैं। बीजेपी की तरफ से जहां प्रत्याशी को फोटोयुक्त टी शर्ट बांटी जा रही हैं तो वहीं कांग्रेस की ओर से वाटर प्रूफ जैकेट, चूडिय़ां बांटी जा रही हैं।

बढिय़ा क्वालिटी का बीज न मिलने से किसान परेशान

डलहौजी विस क्षेत्र के किसानों से मैडा नामक जगह पर मुलाकात हुई। यहां पर मटर की खेती को लेकर चर्चा हुई। प्रगतिशील किशान रमेश कुमार, नरेश, योग राज, दिनेश कुमार, धरम चंद, जगत राम ने बताया कि इलाके के हिमगिरी, सलूणी, सनूह, भांदल और किहार में मटर की अच्छी खेती होती है। लेकिन जिस तरह का क्वालिटी बीज उन्हें मिलना चाहिए।

उस लिहाज से उन्हें मुहैया नहीं करवाया जाता। इन किसानों ने बताया कि बीते कई साल से उन्हें मटर की पुरानी किस्म का बीज (अरकल) ही मुहैया करवाया जा रहा है। यदि जीएस टेन या फिर कोई बढिय़ा क्वालिटी का बीज यहां के लोगों को मुहैया करवाया जाता है तो यहां के किसानों को काफी लाभ होगा।

कई हैं मुद्दे

किहार, भांदल, प्रिंयुगल, स्नूह, लंगेरा, डांड, मैडा, सूरी, चकोली, लिग्गा, खरल और टिकरू के लोगों से मुलाकात हुई। विस क्षेत्र में कनेक्टिविटी ठीक-ठाक है। कुछेक पंचायतों को छोड़ दिया जाए तो औसतन हर पंचायत मुख्य सड़क से जुड़ी है। लेकिन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेरोजगारी बड़े मुद्दे हैं। बात अगर शिक्षा और स्वास्थ्य की लिहाज से की जाए तो स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्र खोले गए हैं, लेकिन इनमें पर्याप्त स्टाफ नहीं है। इसके चलते लोग संतुष्ट नहीं हैं।

उन्हें लगता है कि वोट बैंक के चक्कर में नए स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्र खोलने की बजाए पुराने स्कूल, कॉलेज और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त स्टाफ मुहैया करवाना चाहिए। आधा दर्जन से भी अधिक स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ के अभाव में बंद पड़े हैं। उदाहरण के तौर पर भांदल और प्रियुंगल को लिया जा सकता है। खरल के प्रधान ओम प्रकाश, लिग्गा के पूर्व प्रधान अश्वनी बताते हैं कि इलाके में स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र तो खोले गए हैं। लेकिन इनमें पर्याप्त स्टाफ नहीं। इलाके के लोगों के लिए बेरोजगारी भी बड़ी समस्या है।

 

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