badke da tadka

लड़ाई अभी बाकी है मेरे दोस्त…

लोकसभा चुनाव का हल्ला अभी खत्म नहीं हुआ है और लोगों ने नई कलह डाल दी है। मुओ ने हल्ला मचाया हुआ है कि मंत्रिमंडल में कौण-कौण हिट एंड फिट होगा। बचारे जैराम भाई जी ने अभी कुछ सोचा भी नहीं होणा और कई खसम-खाणों ने पता नहीं क्या-क्या सोच लिया है। यकीन न हो तो यह गप्प सुण लो। बड़का घूम रहा था तो उसकी नजर उन बेलड़ बंदों पर पड़ी जिनका खुद तो कभी कुछ बणता नहीं है, पर मंत्रिमंडल बनाणे में लगे हुए थे।

कांगड़े में रकेस पठानिये के साथ धवाले और जरियाल को रेस में रखा हुआ था तो मंडी से जबरदस्ती अनिल सरमे की छुट्टी करवाकर कर्नल इंद्र सिंह को सिंहासन देणे के आसार बता रहे थे। मुओं का गणित ऐसा था कि पूछो मत। बोलते, जैराम भाई तो बल्ह वाले गांधी भाई को मंत्री बणाकर कांग्रेस के गांधियों को आइना दिखाणा चाहते हैं, पर धुमल साब अकड़ गए हैं कि मेरे प्यारे फौजी भाई को मंत्री बणायो। इक्क होर समीकरण बता दिया। बोले महिंदर सिंह ठाकर भी कोई ओर टक्कर नहीं चाहते मंडी में।

वो भी कह रहे हैं कि जैराम भाई जी को मंडी से कोई मंत्री बनाना ही नहीं चाहिए। सिमले लोकसभा में इनका एग्जिट पोल यह था कि डॉ बिंदल साब और बरागटे भाई जी में टस्सल चल रही है। सीएम साहब भी नहीं चाहते कि डॉक्टर साहब अपणा क्लिनिक छोटे शिमले के सेक्टरियेट से चलाएं। हालांकि डॉक्टर साब की म्यूचल ट्रांसफर के लिए शिमले से ही मास्टरों के भगवान सुरेस भारद्वाज के लिए डीओ नोट बनवाने की कोशिशें हो रही हैं। बंदे बता रहे थे कि जनता की सेहत दरुस्त रखणे के लिए कांगड़े से भले ही में डॉक्टर पठानिया में से कोई चुनणा पड़े या कोई हटाणे पड़े। बातें सुण कर बड़का ठंडा हो रहा था और सोच रहा था कि यह ठीक ही बोल रहे हैं, असली खौदल तो अब पडऩी है। जब कांग्रेसी बाहर बैठे होंगे और भाजपाई आपस में भिड़ेंगे…

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams