Benefit farmers

प्रदेश में साल दर साल बढ़ रहा है उत्पादन

हिमाचल दस्तक ब्यूरो, शिमला।। प्रदेश में बेमौसमी सब्जियों ने किसानों की तकदीर बदल दी है। नकदी फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार किसानों को उपदान दे रही है। इसको देखते हुए परंपरागत फसलों को छोड़कर किसान अब नकदी फसलों से अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। नकदी फसलों का लगातार क्षेत्रफल बढऩे से हिमाचल सब्जी उत्पादन में अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है।

राज्य में कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों से लेकर 4000 मीटर ऊंचाई तक वाले क्षेत्रों में सब्जी उत्पादन किया जा रहा है। वर्तमान में किसान 77 हजार हेक्टेयर भूमि में सब्जी उत्पादन कर रहे हैं। इसमें हर साल 16.54 लाख मीट्रिक टन सब्जियोंं की पैदावार ली जा रही है। 17 साल पहले यही उत्पादन 5.80 लाख मीट्रिक टन था। बेमौसमी सब्जियों की पैदावार से किसान 60 हजार से लेकर एक लाख प्रति हेक्टेयर का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं पारंपरिक फसलों से यह लाभ 8 हजार से लेकर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर ही था।

स्थापित किए गए हैं 3050 पॉलीहाउस

सब्जी उत्पादन की दिशा में सरकार ने कई योजनाएं आरंभ की हैं। इसमें डॉ. वाईएस परमार किसान स्वरोजगार योजना के तहत 5.50 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में 3050 पॉलीहाउस स्थापित किए गए हैं। इसी तरह कृषि उत्पादन की गुणवत्ता में बढ़ोतरी के लिए जैविक खेती को अपनाने के लिए 40 हजार किसान आगे आए हैं। कृषि का क्षेत्र वर्षा पर निर्भर है।

इसको देखते हुए सरकार ने सिंचाई सुविधा पर अधिक ध्यान दे रही है। इसके लिए 321 करोड़ की फसल विविधिकरण संवर्धन परियोजना आरंभ की गई है। इससे 945 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा के तहत लाया जा सका है। इसके अलावा राजीव गांधी सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत करीब 1300 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा प्रदान की गई है।

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