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satpal raizada

कांगेस विधायक ने अधिकारियों पर जनमंच तक समस्याओं को लटकाने का लगाया आरोप

  • कहा, जनता की सेवा के लिए हर जगह जाने को तैयार
  • जनमंच पर हो रहे लाखों खर्च, दफ्तरों में होने से बचेगा पैसा

राजीव भनोट। ऊना
जनता व विकास कार्य के लिए तल्खी से आवाज उठाने वाले ऊना सदर के सपताल सिंह रायजादा को जनमंच के कार्यक्रम में देखकर हर कोई हैरान हो गया। भाजपा की जयराम सरकार द्वारा आयोजित जनमंच कार्यक्रम में कांग्रेस के विधायक का पहुंचना किसी को समझ में नहीं आ रहा था। हर किसी के मन में यही था कि शायद विधायक किसी मुद्दे को लेकर जनमंच कार्यक्रम में पहुंचे है और किसी भी समय माहौल गर्म हो सकता है।

सबसे ज्यादा धुकधुकी जनमंच में बैठे प्रशासनिक अधिकारियों के मन में थी कि एक तो विस उपाध्यक्ष हंसराज जनता की समस्या पर पूछताछ कर रहे हैं और दूसरी ओर न जाने विधायक को गुस्सा कब फुट पड़े। लेकिन विधायक भी शांत संभाव से करीब डेढ़ घंटे तक कार्यक्रम में बैठे रहे। विधायक रायजादा ने जनता की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और अंत में विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह संग भोजन कर रवाना हुए।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए ऊना सदर के विधायक सतपाल सिंह रायजादा ने कहा कि जनमंच के कार्यक्रम के लिए जिलाधीश ऊना ने निमंत्रण दिया था, जिसपर इस कार्यक्रम में में पहुंचा।

उन्होंने कहा कि जनमंच को लेकर कांग्रेस पार्टी का पक्ष पहले से साफ है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकारी कार्यालयों में जनता के कामों को रोका जाता है और सिर्फ राशन कार्ड, इंतकाल, बोनफाइड बनाने तक ही यह कार्यक्रम सीमित है। इस कार्यक्रम में सरकार 15 दिनों की तैयारी व कार्यक्रम में लाखों रुपए खर्च करती है। यदि सरकारी कार्यालयों में रुटीन के काम हो तो लाखों रुपए खर्च करने की जरुरत ही नहीं पड़ेगी।

रायजादा ने कहा कि सरकार चाहे जनमंच को लेकर जो भी दावे करे, लेकिन यह समय सरकारी कर्मचारियों के ऊपर एक तरह का बोझ है, जिसमें उन्हें 15 दिन पंचासतों में घुमना पड़ता है और फिर सरकार के दबाब में रुटीन के काम रोककर जनमंच में करवाकर यह दिखाना पड़ता है कि जनमंच सफल हुआ। उन्होंने कहा कि जनता के मसले हल होने चाहिए, विकास होना चाहिए, लेकिन जिस प्रकार से भाजपा की सरकार हर मसले का राजनीतिकरण कर रही है वह अपने आप में निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि मंत्रियो के लिए रैड कॉर्पेट स्वागत, टैंट, मंच, भोजन पर लाखों खर्च किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायकों की अनदेखी करने के साथ-साथ भेदभाव भी किया जा रहा है। ऐसे मामलों को विस में उठाया जाएगा।

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