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उपभोक्ताओं को सस्ते राशन के नाम पर पिछले कई महीनों से कोई राहत नहीं

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला

प्रदेश में गरीबी रेखा से ऊपर रहने वाले उपभोक्ताओं को सस्ते राशन के नाम पर पिछले कई महीनों से कोई राहत नहीं मिल रही है। प्रदेश सरकार ने सितंबर के लिए सभी जिलों के लिए राशन का आबंटन कर दिया है, लेकिन अगले महीने भी एपीएल परिवारों को घटी हुई मात्रा में ही राशन दिया जाएगा।

  • सिंतबर में भी नहीं मिलेगा बढ़ा हुआ राशन कोटा
  • प्रति परिवार मिलेगा 10 किलो आटा और 6 किलो चावल

उपभोक्ताओं को 10 किलो आटा व 6 किलो चावल प्रति परिवार दिया जाएगा। इस माह भी इसी निर्धारित मात्रा में आटा व चावल दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जनजातीय क्षेत्रों को एडवांस कोटा भेजे जाने के कारण एपीएल परिवारों के राशन कोटे में कोई बढ़ोतरी नहीं हो पाई है। केंद्र सरकार ने सितंबर महीने के लिए 16,984 मीट्रिक टन गेंहू का आवंटन कर दिया है।

इसमें बीपीएल परिवारों को एनएफएसए से अतिरिक्त मात्रा में दिए जाने वाला कोटा भी शामिल है। इसके बाद सरकार ने सभी जिला नियंत्रकों को निर्धारित मात्रा के तहत परमिट काटने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यही नहीं एपीएल व बीपीएल परिवारों के लिए 8,492 मीट्रिक टन चावल के कोटे का भी आवंटन किया गया है। इसके आधार पर गरीबी रेखा से ऊपर रहने वाले उपभोक्ताओं को प्रति परिवार 6 किलो चावल प्रति परिवार देने का फैसला लिया गया है। इस तरह से एपीएल परिवारों को दिए जाने वाली चावल की मात्रा में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।

डिपुओं में दो महीने से खाद्य तेल का संकट

महंगाई से परेशान उपभोक्ताओं परेशानी यहीं खत्म नहीं होती है। उपभोक्ताओं को उचित मूल्य की दुकानों में पिछले दो महीने से खाद्य तेल भी नहीं मिल रहा है। स्थिति ये है कि उपभोक्ताओं को तेल खरीदने के लिए कई-कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं। इस महीने उपभोक्ताओं अपनी पंसद के हिसाब से रिफाइंड और सरसों तेल खरीद सकते थे। खाद्य तेल के लिए जुलाई माह में टेंडर खोला गया था।

 

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