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brijraj swami temple

मंदिर के साथ हैं सरकारी आवास व कार्यालय कभी हो सकता है बड़ा हादसा

विनय महाजन। नूरपुर
जिला कांगडा के नूरपुर उपमंडल में ऐतिहासिक श्री बृजराज स्वामी मंदिर की पत्थरों से बनी दीवार में बारिश के दिनों में गहरी दरार आने से मंदिर के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। इस मंदिर में किसी समय राजा जगत सिंह का दरबार होता था और यह ईमारत किदवंतियों के अनुसार उस समय की बनी है जिस समय नूरजहां नूरपुर में शासन करती थी। इस मंदिर में 1619 से राजा जगत सिंह द्वारा राजस्थान के चितौडगढ़ से कृष्ण भगवान की श्यामवर्ण की संगमरमर से बनी मूर्ति विद्यमान है।

इस मूर्ति के साथ मीरा बाई की मूर्ति स्थापित है उत्तरी भारत में यह पहला ऐसा मंदिर है जहां संगमरमर की मूर्ति के साथ मीरा बाई की मूर्ति है। जबकि हर मंदिर में राधा कृष्ण की मूर्ति देखने को मिलती है इसलिए इस मंदिर को पर्यटन के रुप में भी विकसित करने के लिए भाजपा सरकार ने काफी प्रयास किए। मंदिर की दीवार में इतनी गहरी दरार है कि बारिश के दिनों में किसी समय भी जिस कमरे में भगवान श्री बृजराज स्वामी की मूर्ति विद्यमान है वह कक्ष एक तरह से बैठ गया है जिसको लेकर सभी चिंतित है।

नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया को इस बारे ज्ञापन भी सौंपा गया

यह मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन है। मंदिर की दशा में सुधार हेतू नूरपुर प्रशासन ने आश्वासन दिया कि पुरातत्व विभाग से भी सेवाएं ली जाएगी, क्योंकि मुददा धार्मिक संस्कृति से जुड़ा है। उल्लेखनीय है कि काफी सालों से श्री बृजराज स्वामी मंदिर के पिछले भाग में स्थित कुछ दूरी पर सरकारी अधिकारियों के आवास व सरकार के कुछ कार्यालय तथा निजी परिवार भी रहते है जिनको बारिश के दिनों मे चटटान के खिसकने का डर सताता रहता है।

उधर नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया को इस बारे ज्ञापन भी सौंपा गया है, जिस पर पठानिया ने इसकी मरम्मत करवाने का आश्वासन दिया है। विधायक ने नूरपुर प्रशासन व अन्य अधिकारियों के साथ मंदिर का निरीक्षण करके आवश्यक दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। विधायक ने सीएम से भी नूरपुर की इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने तथा इसका जीर्णोद्धार करवाने का आग्रह किया है।

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