Rivalsar lake

विहिप की दो टूक, आस्था के प्रतीकों के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी सहन

हिमाचल दस्तक। रिवालसर
देश-दुनिया में त्रिवेणी धर्म नगरी से विख्यात रिवालसर में हिंदू धर्म की ऐतिहासिक धरोहर मानवीय छेड़छाड़ से खतरे में है। जिन्हें बचाने के लिए विश्व हिंदू परिषद हर कुर्बानी देने को तैयार है। यह बात विहिप के मंदिर मठ के प्रभारी प्रकाश भारद्धाज ने रिवालसर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। विहिप के कार्यकर्ताओं नेे यहां की पवित्र झील 56 बीघा में विद्यमान है। वहीं पीपल के 11 टियाले, 5 चनणिया, 4 मंदिर, 5 बावडिय़ां व दो शमशान घाट भी राजस्व रिकार्ड में दर्ज है।

मगर दुर्भाग्यपूर्ण है कि मानवीय छेड़छाड़ एवं अतिक्रमण से झील का दायरा सिकुड़ कर रह गया है। पीपल के टियाले पेड़ सहित लुप्त हो चुके है। बावडिय़ों व चाणनियों का नामोनिशान नहीं रहा है। शमशान घाट तो हैं, लेकिन गंदगी की वजह से उसकी दशा खराब हो चुकी है। पीपल पेड़ के टियालों पर नगर पंचायत व स्थानीय लोग दुकान व भवन निर्माण कर रहे है।

करीब एक दशक पहले जिगर बौद्ध मठ के प्रबंधकों ने मठ के साथ लगते पीपल के पेड़ व टियाले को विस्फोटक से उड़ाने की साजिश रची थी। उस पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होना चिंताजनक विषय है।इस बैठक में प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य मंहत राम चौधरी, नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष बंशी लाल ठाकुर, पूर्व जिप सदस्य घनश्याम ठाकुर, पूर्व प्रधान तेज सिंह आदि उपस्थित थे।

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