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cabinet meeting

पूर्व सैनिक कर्मियों के लाभ बहाल

  • राज्यपाल के अभिभाषण को मिली मंजूरी
  • रिटायर पटवारियों और कानूनगो की सेवाएं दोबारा बहाल की
  • डॉक्टरों के इंटरव्यू जारी रहेंगे, सीएम के ओएसडी के पद सृजित
  • ठियोग-कोटखाई-खड़ापत्थर सड़क पर और खर्च होंगे 29 करोड़

राजेश मंढोत्रा। शिमला
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की कैबिनेट ने कांग्रेस सरकार के फैसले को पलटते हुए पूर्व सैनिक कर्मचारियों के वित्तीय लाभ बहाल कर दिए हैं। राज्य की भाजपा सरकार पूर्व सैनिकों के लिए सिविल रोजगार में पे फिक्सेशन के समय उनके सेना के सेवाकाल को जोड़ेगी। यानी वेतन निर्धारण के समय उन्हें उनकी वरिष्ठता के अनुसार वित्तीय लाभ मिल जाएंगे, हालांकि वरिष्ठता नहीं मिलेगी।

ये फैसला वीरवार को हुई बैठक में लिया गया। सीनियोरिटी का सुप्रीम कोर्ट पहले ही रद कर चुका है। हालांकि कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ही 5 अगस्त को 2017 को फैसला लेकर डिमोबिलाइज्ड सशस्त्र बल गैर तकनीकी सेवा में रिक्तियों के आरक्षण नियम 1972 के नियम 5-1 और तकनीकी सेवा में रिक्तियों के आरक्षण नियम 1985 के नियम 5-1 को निरस्त कर दिया था।

इसके बाद पूर्व सैनिक कर्मचारियों की प्रशासनिक सेवाओं से लेकर किसी भी सेवा में वरिष्ठता खत्म हो गई थी। जयराम सरकार की कैबिनेट ने इस निर्णय की समीक्षा की और इसे दोबारा से बदल दिया। राज्य में इस समय करीब एक लाख सैनिक सेना में कार्यरत हैं और डेढ़ लाख पूर्व सैनिक परिवार भी यहां हैं। इनके लिए ये बड़ी राहत है। ये ठीक ऐसे ही है जैसे सुप्रीम कोर्ट में हारी जंग को पूर्व सैनिक नई सरकार में जीत गए हों।

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