voting figures

नतीजों का इंतजार, अब यूं ही गुजरेगा वक्त

हिमाचल दस्तक। ठियोग
विधानसभा चुनाव के नतीजों के लिए प्रत्याशियों सहित आम लोगों को लंबी प्रतीक्षा करनी होगी। फिलहाल नेताओं और उनके कार्यकत्र्ताओं ने अभी आराम फरमाना ही बेहतर समझा है। इतने दिनों की थकान को मिटाने के लिए कुछ दिन तो चाहिए ही, लेकिन उसके बाद क्या किया जाए ? प्रत्याशियों ने विभिन्न पोलिंग बूथों पर मतदान के आंकड़े जुटाना शुरू कर दिए है।

शुक्रवार को दिन भर इसी बात को लेकर चर्चाएं होती रही। नेताओं के दरबार में कार्यकर्ता बूथ स्तर पर गणित बिठाने में लगे हुए हैं। कार्यकर्ता प्रत्याशियों को यह उम्मीद बंधा रहे हैं कि फलां बूथ से आपको इतनी लीड मिलेगी।

बहस के दौरान ही अजीबोगरीब शर्ते भी लगाई जा रही

कई प्रत्याशियों ने अपनी थकान दूर करने के लिए घूमने फिरने का मन बना लिया है। चुनाव आयोग द्वारा गुजरात चुनाव के दूसरे चरण 14 दिसंबर तक एग्जिट पोल पर रोक लगाई गई है। ऐसे में लोगों के पास एक दूसरे से चर्चा करने और अनुमान लगाने के सिवाय कोई चारा नहीं है। कुछ कट्टर समर्थक अपनी पार्टी और प्रत्याशी की हार की बात नहीं सुन पाते ऐसे में कई बार चर्चा में उत्तेजना भी बन जाती है और नौबत गाली-गलौज या मारपीट तक भी पहुंच जाती है।

वहीं, चुनाव परिणामों को लेकर शर्त यानी सट्टा भी लगाया जा रहा है। बहस के दौरान ही अजीबोगरीब शर्ते भी लगाई जा रही है। ठाकुर साब नी जित सकदा, या फिर ठाकुर साहब नीं हार सकदे, नीं तां मेरी मूंछ मुंडवा लेना। एक समर्थक ने तो हद कर दी उसने सूबे में सरकार बनाने को लेकर कहा कि अगर फलां सरकार आती है तो मैं तुम्हारे जूते में पेशाब पी लूंगा। वोटिंग के बाद लोगों को नतीजों का इंतजार लंबा पड़ रहा है। कुछ लोगों को तो पल-पल काटना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में कुछ इसी प्रकार की बातें करके लोग पोलिंग और नतीजों के बीच के दिन काटने लगे हैं।

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