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अंब के सरकारी स्कूल में छात्रा से दुष्कर्म का मामला

  • उपनिदेशक ने कार्रवाई पूरी कर शिमला भेजी रिपोर्ट
  • एक दिन पहले ही बंद हुआ स्कूल, आरोपी शिक्षक सस्पेंड

हिमाचल दस्तक। गगरेट/मुबारिकपुर
बेशक पूरे प्रदेश भर में ग्रीष्मकालीन अवकाश 26 जून यानी की आज से शुरू हो रहे हैं, लेकिन प्रदेश का एक ऐसा स्कूल है, जो दुष्कर्म मामले व तनाव के चलते एक दिन पहले ही मंगलवार से बंद कर दिया गया। मामला है ऊना के अंब उपमंडल का। यहां पर शिक्षक द्वारा छात्रा का दुष्कर्म करने के बाद ग्रामीणों ने स्कूल के पूरे स्टाफ को बर्खास्त की मांग कर डाली, जिसके चलते मंगलवार को स्कूल बंद रखा गया।

वहीं स्कूल में जिला उच्च शिक्षा उपनिदेशक कमलेश कुमारी की अध्यक्षता में बैठक देर तक चली। बैठक में कुछ अध्यापकों के साथ बच्चों के बयान भी दर्ज किए गए। उपनिदेशक कमलेश कुमारी ने इस मामले में पुलिस से अध्यापक की गिरफ्तारी व मामले से जुड़ी एफआईआर
के दस्तावेज लिए।

वहीं स्कूल स्टॉफ व ग्रामीणों से मिली फिडबैक की जांच रिपोर्ट बनाकर अगामी कार्रवाई के लिए उच्च शिक्षा निदेशक शिक्षा विभाग शिमला को भेज दिए हैं।

वहीं स्कूल में तैनात दो चतुर्थ श्रेणी की महिला कर्मचारी का डेपुटेशन अंब व मुबारिकपुर स्कूल में किया गया है। जबकि इन स्कूलों से चतुर्थ श्रेणी स्टॉफ को उक्त स्कूल में तैनात कर दिया गया है। उपनिदेशक ने आरोपी अध्यापक के 48 घंटे जेल में रहने के चलते उच्चाधिकारी को अगामी कार्रवाई बारे लिखा है, जिसके बाद उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से अध्यापक के सस्पेंशन की गई है।

वहीं उच्च शिक्षा निदेशक ने ऊना कार्यालय से दुष्कर्म मामले के स्कूल में तैनात स्टॉफ की पूरी डिटेल भी तलब की है, जिसे उपनिदेशक कार्यालय से स्टॉफ की तैनाती से लेकर अब तक की स्थिति से अवगत करवाते हुए रिपोर्ट शिमला भेजी गई है। उपनिदेशक की जांच में यह तथ्य भी आया है कि प्राथमिक रूप से इस मामले को लेकर स्कूल के प्रिंसीपल से लेकर कुछ स्टॉफ की लापरवाही रही है, जिसका जिक्र रिपोर्ट में किया गया है। उपनिदेशक कमलेश कुमारी ने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट उच्च निदेशक को भेज दी गई है। अध्यापक की सस्पेंशन शिमला से ही होगी, इसको लेकर हमारी ओर से जानकारी दे दी गई है।

ग्रामीणों ने स्कूल स्टाफ को बदलने की उठाई मांग

अंब के सरकारी स्कूल में छात्रा से दुष्कर्म मामले में ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ा है। उपनिदेशक ने मामले की जांच के लिए दूसरे दिन भी बयान पंचायत भवन में दर्ज किए गए। इसमें ग्रामीणों को नहीं बुलाया गया। जिसको लेकर ग्रामीणों में रोष रहा। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल स्टॉफ की गलती है, जिसके चलते पूरे स्टॉफ को बदला जाना चाहिए।

दोषी के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई : संगठन

अध्यापक संगठनों ने दुष्कर्म मामले को निदंनीय करार दिया है। पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में इस प्रकार की घटनाएं पूरे शिक्षा जगत को बदनाम करती है। ऐेसे में दोषी की विरूद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ में ऐसी जांच होनी चाहिए कि किसी भी निर्दोष को कोई सजा न मिले। जांच कमेटी को सही निर्णय लेते हुए बिना किसी दबाव के फैसला लेना चाहिए।

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