युवतियों को चंबा रूमाल का प्रशिक्षण दे रही प्रसिद्दि हासिल कर चुकी अंजली

हिमाचल दस्तक : पंकज सलारिया। चंबा। चंबा रुमाल की कला में प्रसिद्धि प्राप्त कर चुकी अंजलि वकील अब चंबा की युवतियों को चंबा रुमाल की बारीकियों के बारे में जानकारी दे रही है।

अंजलि वकील पिछले करीब 11 वर्षों से राधाकृष्णन, रासलीला, अष्टनायिका इत्यादि संवाद के चित्र बना रही हैं। आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट का डिप्लोमा हासिल करने के बावजूद चंबा कढ़ाई के प्रति उनकी रूचि कम नहीं हुई और आज भी रोजाना अंजलि 8 से 10 घंटे चंबा रुमाल बनाने का कार्य कर रही है।

अंजली ने बताया कि उनकी कला को देखते हुए उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मिंजर मेला 2011 में प्रदर्शनी लगाने का मौका भी दिया गया था। जिसके बाद उनके द्वारा बनाए गए रूमालों की लोकप्रियता और भी बढ़ गई थी। वर्ष 2013 में जिला भाषा अधिकारी चंबा की ओर से बीआरजीएफ योजना के तहत उन्हें दस लड़कियों को चंबा रूमाल का प्रशिक्षण देने के लिए भी नियुक्त किया गया था।

आज भी सुई-धागे के इस रचनात्मक संसार के प्रसार में प्रयासरत हैं और कुछ नए प्रयोगों के साथ इस कला को नया आयाम देने की प्रयास कर रही हैं। चंबा रूमाल की परंपरागत कला को वह दूसरी लड़कियों को भी सिखा रही हैं ताकि यह कला जीवित रहे। प्रदेश का जिला चंबा अपने चंबा रूमाल की वजह से देश- विदेश में भी काफी प्रसिद्ध है।

 पंकज सलारिया

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