News Flash
sheep owners snow

जालसू जोत में हिमपात: निचले क्षेत्र ऊना, कांगड़ा के लिए कर रहे थे पलायन

विनोद ठाकुर। भरमौर
जनजातीय क्षेत्र भरमौर वाया जालसू जोत आवाजाही करने वाले करीब डेढ़ दर्जन भेड़पालक फंस गए है। जालसू जोत में भारी हिमपता होने के चलते ऐसी स्थिति पेश आई है। पशुपालकों के साथ सैकड़ों की तादाद में पशुधन भी है। उपमंडल में शुक्रवार को भेड़पालकों के जालसू में फंसने की चर्चाएं खूब रही। अधिकतर भेड़पालक जिला ऊना सहित कांगड़ा की ओर रुख कर रहे हैं। भेड़ पालक हर साल ऐसा करते हैं, लेकिन इस क्षेत्र के ऊपरी चोटियों पर समय से पहले हिमपात होने के कारण भेड़पालकों को परेशानियां पेश आ रही है।

बताया जा रहा है कि जालसू जोत से करीब डेढ़ दर्जन भेड़पालकों ने पलायन करने की राह पकड़ी थी, लेकिन शुक्रवार को मौसम की करवट से भरमौर की ऊंची चोटियों सहित जालसू जोत में हिमपात हुआ। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को ही भेड़पालक जालसू जोत पार करने वाले थे, लेकिन अब वे यह यहां फंस गए है। गौरतलब है कि इस बार क्षेत्र के ऊपरी जोतों में सितंबर के दूसरे सप्ताह में ही हिमपात का दौर शुरू हो गया था। इसके चलते भेड़पालकों ने पलायन की शुरुआत कर दी।

स्थानीय लोगों की मानें तो उत्तम दास, प्रभु राम, भीम सैन, भगत राम, सुरेंद्र सिंह, देस राज, देवी चंद की मानें तो समय से पहले इस बार ऊंचे जोतों में हिमपात हुआ है। इसके चलते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को भी जालसू जोत में हिमपात हुआ है। यहां से भेड़पालक आवाजाही करते है जो अब फंस गए हैं। कुल मिलाकर क्षेत्र के ऊंची पहाडि़य़ों में बर्फबारी से भेड़पालकों को काफी परेशानियां पेश आ रही है।

निचले क्षेत्रों में बारिश से बढ़ी कंपकंपी

चंबा। नवबंर माह के पहले ही सप्ताह जिला मुख्यालय समेत आसपास के क्षेत्र की दूरदराज के क्षेत्र में बारिश का दौर शुरू हो गया। वहीं पांगी व भरमौर के ऊपरी क्षेत्रों मे बर्फबारी शुरू हो गई है। पांगी घाटी के किलाड़, साच पास समेत सभी स्थानों पर बर्फ की चादर बिछ गई है। पांगी घाटी के सभी स्थानों पर चारों तरफ सफेदी ही नजर आ रही है।

शुक्रवार तड़के मौसम के करवट बदलने के साथ तापमान में गिरावट आई है। इसके अलावा निचले क्षेत्रों में भी रुक-रुककर बारिश हुई। इससे मौसम एक बार फिर ठंडा हो गया और ठंड का प्रकोप बढ़ा है। जनजातीय क्षेत्र भरमौर की पहाड़ों में भी लगभग एक फुट ताजा बर्फबारी हुई, जबकि दिनभर रुक-रुक कर हिमपात जारी रहा। भरमौर मणिमहेश, खपरधार, कुगति, बलघोई,कलजोत, सुप्पा की पहाडिय़ों पर बर्फबारी होने का क्रम जारी रहा।

बर्फबारी के बाद मणिमहेश डलझील पूरी तरह से जाम हो गई है। बर्फबारी के बाद ठंडी हवा भी चल रही है। ग्रामीण केवल कुमार, देसराज, ओम प्रकाश, हरिया राम, प्रेम कुमार ने बताया कि बारिश होने से मौसम ठंडक भरा हो गया है। वहीं भरमौर मुख्यालय में भी लोगों ने ठंड से बचने के लिए आग जलाई, ताकि कुछ राहत मिल सके।

यह भी पढ़ें – साहब: स्कूल में शिक्षक नहीं कर रहा ज्वाइन

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams