हिमाचल दस्तक। योल

श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के साथ बहती बाणगंगा में बीती रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण चामुंडा की बाणगंगा ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि देखने वालों कि रूह कांप गई। पानी की रफ्तार इतनी तेज थी कि उसे देखने भर से डर लगने लग पड़ता था। श्री चामुंडा मंदिर से दुर्गा मंदिर तक जोडऩे वाले पुल में पानी के तेज बहाव के कारण कंपन शुरू हो गई जिस कारण दोनों तरफ से आने-जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया।

दुर्गा मंदिर जाने वाले रास्ते में पडऩे वाली दुकानों के अंदर पानी घुस गया, जिस कारण दुकानों में रखे समान को भारी नुकसान हुआ है। इसके साथ ही शमशानघाट के ऊपर से पानी गुजरने के कारण वहां रखी लकड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गई और शमशान घाट की नीवों में लगाए गए बड़े-बड़े पत्थर निकल गए है, जिस कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शिव मंदिर के साथ बना शमशान घाट भी पानी और रेत से लबालब भर चुका है।

लोगों का कहना कि अगर यही बरसात सुबह होती तो कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था, अक्सर श्रद्धालु बाणगंगा के पानी में नहाते हैं और उसमें अठखेलियां करते हैं, यह मां चामुंडा व भोले नाथ का आशीर्वाद ही है जिस कारण बड़ी दुर्घटना नहीं घटी। मंदिर प्रशासन ने पुल के ऊपर जाने वाले दुर्गा मंदिर के रास्ते को फिलहाल बंद कर दिया गया है, क्यों कि पानी के तेज बहाव के कारण पुल में कंपन शुरू हो गई थी। पानी का जलस्तर बढऩे के चलते एक होमगार्ड जवान को खड्ड किनारे तैनात कर दिया गया है।

Leave a comment

कृपया अपना विचार प्रकट करें