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श्रेय की बजाय काम करने को तरजीह

  • बोले, दिल से मेहनत करेंगे तो कर्ज का बोझ भी कम होगा
  • मोदी चाहते हैं, विकास में अव्वल हो हिमाचल

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों के साथ पहली बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी अफसर लंबित काम पूरा करने के लिए 100 दिन का टारगेट तय करें और उसे दिल से हासिल करें। सरकार के कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के लिए इसी क्रम को फिर से अगले 100 दिन दोहराएं। मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि एक नियमित कार्य के तौर पर नहीं, अपितु आपको लीक से हटकर सोचना है ताकि हम सब मिलकर हिमाचल को एक ऐसा राज्य बना सकें, जिसका दूसरे राज्य अनुसरण करें।

पीएम नरेंद्र मोदी की भी हमसे यही अपेक्षा है। हालांकि हिमाचल एक छोटा राज्य है, लेकिन विकास तथा कल्याण के मामले में राज्य से बहुत उम्मीद है। जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्य प्राथमिकता केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं को आगे बढ़ाना है, जिन्हें पिछली सरकार के कार्यकाल में नजरअंदाज किया जा रहा था और धीमी गति से कार्य चल रहा था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार को इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी है।

हिमाचल को दूसरे राज्यों के लिए आदर्श के रूप में देखने की कामना की

यह गर्व की बात है कि हाल ही की एक बैठक में प्रधानमंत्री ने विकास के क्षेत्र में हिमाचल को दूसरे राज्यों के लिए आदर्श के रूप में देखने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान केन्द्र सरकार की ओर से धन और परियोजनाओं की कोई कमी नहीं, लेकिन यह चिंताजनक है कि इसका क्रियान्वयन पूरे दिल से नहीं किया गया। मैं चाहता हूं कि आप सभी को नई पहल तथा विचारों के साथ दिनचर्या से हटकर काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यद्यपि राज्य पर 45000 करोड़ रुपये से अधिक ऋण का बोझ है, लेकिन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए योजनाबद्ध ढंग से आगे बढऩे की सोच होनी चाहिए। मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि प्रशासन उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेगा और लोगों को लाभान्वित करने के लिए कार्य करेगा। कैबिनेट मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर, अनिल शर्मा, डा. राजीव सहजल, प्रधान सचिव मनीषा नन्दा सहित राज्य सरकार के समस्त प्रशासनिक सचिवों तथा विभागाध्यक्षों ने भी बैठक में भाग लिया।

कैबिनेट में बारी-बारी प्रेजेंटेशन देंगे सरकारी विभाग

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने कार्य तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्रस्तुति देगा, जिसकी समीक्षा मुख्यमंत्री के कार्यालय तथा संबंधित मंत्रियों द्वारा की जाएगी। ये प्रेजेंटेशन कैबिनेट के सामने भी होगी। पिछली सरकार ने श्रेय लेने के लिए जिस तरीके से अंधाधुंध उद्घाटन तथा शिलान्यास किए गए, उसकी चर्चा करते हुए दुख होता है। हमारी सरकार काम करने में विश्वास रखती है न कि महज लोगों में झूठा प्रचार करने पर।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस कोई सुझाव हो तो बताएं

जयराम ठाकुर ने यह स्पष्ट किया कि उच्चतम स्तर पर भी भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस होगी और इसके बारे में पूरी जांच होगी। सभी को सुनिश्चित बनाना चाहिए कि यदि कोई भ्रष्ट प्रथाओं में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसी भी मंच पर सुझावों का स्वागत करती है। यदि अफसर अकेले में मिलकर कोई आइडिया देना चाहते हैं तो भी स्वागत है।

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