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कहा, स्मार्ट सिटी व नगर निगम के गड़बड़झालों में क्यों बदले कमिश्नर

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। धर्मशाला
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं प्रत्याशी किशन कपूर ने कहा कि धर्मशाला की प्रबुद्ध जनता इस रहस्य को जान चुकी है कि नेता जी की कोठी के हर कोने पर रेस्ट हाउस क्यों बने हैं। शहर से दूर नेता जी के आवास के चारों ओर इन विश्रामगृह को किन सुविधाओं के लिए बनाया गया है। किशन कपूर ने सवाल उठाए कि आखिरकार धर्मशाला में हुए मर्डर, मौत, लाठीचार्ज तथा नकाबपोश हमलावर क्यों नहीं पकड़े गए। सभी मामलों पर पुलिस की कार्रवाई क्यों ठप हो गई। स्मार्ट सिटी और नगर निगम के गड़बड़झालों पर जांच शुरू होते ही एक के बाद एक छह कमिश्नर धर्मशाला से क्यों बदल दिए गए।

धर्मशाला में हुई वारदातें इस शांत शहर को बदनुमा दाग लगा गई हैं

मंत्री जी के तथा कथित लैटर हेड पर दस लाख की रिश्वत किसने ली और ठेके बांटने की कौन दलाली करता रहा। किशन कपूर ने मंगलवार को अपनी नुक्कड़ सभाओं के दौरान कहा कि धर्मशाला में हुई वारदातें इस शांत शहर को बदनुमा दाग लगा गई हैं। किशन कपूर ने कहा कि धर्मशाला में गुंडागर्दी का हुआ नंगा नाच उस परिवार के जहन में अब भी हरा है, जिनका मासूम बच्चा रक्कड़ में खोखे में जिंदा जला दिया था। सकोह गांव के उस परिवार की आंखों में अब भी भय और ममता का दर्द झलक रहा है, जिनके बच्चे की लाश गट्टर में मिली थी।

सिद्धबाड़ी में नायब तहसीलदार की मौत को रहस्य बनाकर इस मामले को रफा-दफा कर दिया, लेकिन पूरा धर्मशाला पर्दे के पीछे की कहानी जानना चाहता है। भाजपा प्रत्याशी ने कहा कि गोरखा समुदाय के नेता को आकर सिद्धबाड़ी में नकाबपोश अधमरा कर फेंक गए। धर्मशाला जैसे धार्मिक पर्यटन स्थल में हमलावर अब तक नहीं पकड़े गए। निष्पक्ष जांच करने वाले पुलिस अधिकारियों को बदल दिया गया। पहली बार धर्मशाला में निहत्थे लोगों पर लाठियां भी बरसाई गईं।

महज 40 हजार का डस्टबिन पांच लाख में खरीदा गया

स्मार्ट सिटी की स्थापना से पहले इसे निचोडऩा शुरू कर दिया। किशन कपूर ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंत्री के लैटर पैड पर स्मार्ट सिटी के ठेके आबंटित करने के लिए दस लाख का लेन-देन हुआ। यह मामला धर्मशाला पुलिस थाना में भी दर्ज है, लेकिन जांच क्यों दबा दी गई। लेन-देन के आरोपी ने नेता जी के दफ्तर में तैनात साहब के साथ जमीनों के सौदे भी किए हैं। अंडर ग्राउंड डस्टबिन की खरीद में शहरी विकास मंत्रालय ने भी आपत्तियां उठाई हैं। महज 40 हजार का डस्टबिन पांच लाख में खरीदा गया। शहर में हुए कंकरीट कार्यों में जमकर धांधली की गई है।

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