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हारे हुए नेताओं से एक-एक कर मिलीं प्रदेश प्रभारी

कांग्रेस नेताओं ने एक-दूसरे पर लगाए भितरघात के आरोप

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
प्रदेश में दिसंबर, 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में मिली हार के गम से कांग्रेस अभी तक भी बाहर नहीं निकल पाई। खास कर ऐसे नेता, जिन्हें इस बार के चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा वे इसके लिए विरोधी गुट पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई प्रभारी रजनी पाटिल के समक्ष दूसरे दिन की बैठक के दौरान हारे हुए नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में विधायक, पूर्व विधायक, हारे हुए नेता, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारियों के साथ रजनी पाटिल ने अलग-अलग बैठकें कीं।

रजनी पाटिल ने हारे हुए प्रत्याशियों से यह जानने की कोशिश की किस कारण और किन कमियों से चुनाव हारे। जवाब में हारे नेता बोले, पार्टी के अंदर भितरघात के कारण ही हमें हार का मुंह देखना पड़ा। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खेमे से हारे नेताओं ने कौल सिंह गुट पर आरोप लगाया तो कौल सिंह गुट के नेताओं ने वीरभद्र गुट पर पार्टी विरोधी प्रचार करने का आरोप लगाया।

पार्टी प्रभारी रजनी पाटिल ने पांच पूर्व मंत्रियों के हारने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को पुरानी हार से सबक सीखने और आगामी लोकसभा चुनावों पर फोकस करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 47 सीटों पर हार मिली। कांग्रेस ने सिर्फ 21 सीटों पर ही जीत दर्ज की।

रात के 10 बजे तक चलीं कांग्रेस की बैठकें

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने दो दिनों तक रात के 10 बजे तक भी बैठकें लीं। रजनी पाटिल स्वयंं कर रही हैं कि पहले दिन सुबह 11 से रात 10 बजे तक सभी पदाधिकारियों के साथ आगामी रणनीति पर चर्चा की, मगर नतीजा सामने नहीं आया। कारण यह है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता ही पाटिल के साथ हो रही इन बैठकों से दूर रहे। पार्टी के ऐसे कई नेता हैं जो सभी बैठकों में भाग ले रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्रिहोत्री दूसरे दिन की बैठक से पहले सुबह नौ बजे ही पाटिल से मिलने होटल होली डे होम पहुंचे।

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