Consumers woke up watching more electricity bill

टौणी देवी के व्यापारियों ने घेराव की दी चेतावनी

हिमाचल दस्तक। टौणी देवी : भारी भरकम विद्युत बिल देखकर उपभोक्ताओं के होश उड़ गए हैं। विद्युत उपमंडल टौणी देवी के अधीन हुए इस कारनामे से उपभोक्ता भी हैरान हैं। वहीं विभाग ने भी जानकारी मिलने के उपरांत इस पर अचंभा दिखाया है।

ठेकेदार के हवाले सौंपी गई बिल जारी करने की जिम्मेदारी कैसे निभाई जा रही है इसके भी प्रमाण यहां मिले हैं। आधा दर्जन उपभोक्ताओं को यूनिट के आधार पर नहीं बल्कि मनमर्जी का बिल जारी किया गया है। ऊहल चौक पर दुकानदार भूमिराज के बिल पर छह यूनिट बिजली का खर्चा दर्शाया गया है। उन्हें बिल 298 का दिया गया। राजकुमार के मीटर की रिडिंग भी छह यूनिट दर्शाई गई है, लेकिन उन्हेें बिल 304 रुपये दिया गया है। अशोक कुमार का मीटर पिछले तीन माह से बंद पड़ा है।

मीटर में आई तकनीकी खराबी की शिकायत विभाग से भी की गई है, लेकिन विभाग की ओर से मीटर की मरम्मत नहीं हुई उल्टा 1662 रुपये का बिल थमा दिया। राकेश कुमार ने विकास खंड टौणी देवी की सरकारी दुकान को आईआरडीपी कोटे में लिया है। विभाग द्वारा जारी किए गए बिल अनुसार इन्होंने 335 यूनिट बिजली खर्च की है। इन्हें 2240 रुपये भरने के लिए कहा गया। पं. रमेश के मीटर पर भी 335 यूनिट जली है, लेकिन उन्हें बिल 2115 रुपये का दिया गया है।

एक अन्य व्यापारी बबलू की 73 यूनिट बिजली खर्च हुई है। उन्हें बिल 650 रुपये जारी हुआ है। विभाग से जब शिकायत की गई, तो पता चला कि मशीन में तकनीकी खराबी आ गई है। अब यहां पर यह सवाल खड़ा होता है कि इन उपभोक्ताओं ने तो बिल पर शंका जताते हुए शिकायत कर दी। अब ऐसे कितने लोग हैं जिन्होंने विभाग द्वारा जारी किए गए बिल अनुसार ही राशि भर दी है।

क्या उन्हें उक्त राशि वापस दी जाएगी। लोगों ने मांग उठाई है कि बिल जारी करने के लिए ठेकेदारी प्रथा ठीक नहीं है। इसे बंद कर पुरानी प्रणाली को ही लागू किया जाए। उधर, सहायक अभियंता ई. सीएल शर्मा ने बताया कि तकनीकी खराबी के चलते कुछ बिल का सुधार करवाया गया है। यदि अन्य उपभोक्ताओं के साथ भी ऐसा हुआ है तो उसके पैसे आगामी बिल में समायोजित किया जाएगा।

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