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shanta kumar

शांता कुमार बोले, लिस्ट में नाम देखकर हुई हैरानी

सरकार ने 25 जून तय की थी समयसीमा

हिमाचल दस्तक। पालमपुर
सरकारी बंगला न छोडऩे की खबरों पर पूर्व सांसद शांता कुमार ने कहा है कि उन्होंने 22 जून को दिल्ली का आवास छोड़ दिया है। भाजपा के पूर्व नेताओं को सरकारी आवास छोडऩे की समयसीमा सरकार ने निर्धारित की थी। वहीं पूर्व सांसद ने कहा कि इन सब नेताओं की सूची में अपना नाम देख कर हैरानी हुई। उन्होंने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं आवास न छोडऩे वालो की सूची में नहीं हूं। 23 मई को चुनाव का परिणाम निकला था और 24 मई को मैं अपनी धर्मपत्नी सहित दिल्ली चला गया था।

अपना सारा समान समेटा और दिल्ली में अपने सब मित्रों से विदाई ली। मैं राज्य सभा और लोकसभा में 18 वर्ष तक सदस्य रहा। अपने सब मित्रों और संबंधियों से विदाई लेकर और अपना समान लेकर मैं 22 जून को पालमपुर आ गया हूूं। आवास खाली करने की अंतिम तिथि 25 जून थी, मैंने 3 दिन पहले ही आवास खाली कर दिया है।

शांता कुमार ने कहा कि जीवन के 33 वर्ष विधायक, सांसद , मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के पदों में रहा हूं। कई बार सरकारी आवास में आया और कई बार मुझे आवास छोडऩे पड़े। मैंने हर बार समय से पहले अपना आवास छोड़ दिया। मैं पद पर बैठना भी जानता हूं और उसी शान से पद को छोडऩा भी जानता हूं। अपने पूरे राजनीतिक जीवन में आदर्शों का पालन करने के लिए अपने आप को भाग्यशाली समझता हूं।

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