News Flash
diotasiddh chaitra fair

दियोटसिद्ध चैत्र मेलों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन का निर्णय

दियोटसिद्ध चैत्र मेलों की तैयारियों में जुटा प्रशासन,14 मार्च से होगा मेलों का आगाज

हिमाचल दस्तक। मैहरे
उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में 14 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र माह के मेलों के लिए प्रशासन ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को 12 मार्च से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने चैत्र मेलों के लिए नए निर्णय भी लिए हैं। जिनमें दियोटसिद्ध में लगने वाले निजी लंगरों में लंगर बनाने व परोसने वाले कर्मचारियों का मेडिकल करवाया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग की स्थानीय टीम इन कर्मचारियों व लांगरियों का मेडिकल करेगी। बड़सर एसडीएम एवं मंदिर न्यास अध्यक्ष विशाल शर्मा ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को आदेश पारित करते हुए आईपीएच विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, फायर बिग्रेड सहित मंदिर के सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को मेले से संबंधित सभी तैयारियों को 12 मार्च से पहले मुकम्मल करने को कहा है, ताकि मेलों के दौरान प्रबंध व्यवस्था में कोई कमी न रह जाए।

एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों से लिखित में इस बारे में जवाब भी मांगा है। गौर हो कि दियोटसिद्ध में 14 मार्च से चैत्र मेलों का आगाज होगा तथा 13 अप्रैल तक चलने वाले इन मेलों में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शनों के लिए पहुंचते है। मेलों के दौरान बाबा के भक्तों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना ना करना पड़े। इसके लिए मंदिर न्यास व प्रशासन पहले से ही प्रयासरत है।

दियोटसिद्ध में चैत्र मेले 14 मार्च से शुरू होंगे। इसलिए सभी तैयारियां 12 मार्च से पहले पूरी करने के आदेश अधिकारियों को दिए गए हैं ताकि मेलों के दौरान श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। -विशाल शर्मा, एसडीएम एवं मंदिर न्यास अध्यक्ष

अस्थाई दुकानों पर आमने-सामने

दियोटसिद्ध में वन विभाग और चकमोह पंचायत में ठनी

राजीव शर्मा। बड़सर
उत्तरी भारत का विश्व प्रसिद्व सिद्धपीठ दियोटसिद्व आजकल चर्चा का विषय बना हुआ है। मामला लोअर बाजार में लगने वाली 40 के करीब अस्थायी दुकानों को लेकर है। एक तरफ वन विभाग ने इन दुकानों को लेकर पुलिस में मामला दर्ज करवा दिया है। वहीं ग्रंाम पंचायत चकमोह ने अस्थायी दुकानों की नीलामी कर दी है।

बता दें कि अब तो दियोटसिद्व में लोअर बाजार में दुकानदारी भी सज चुकी है। बाबा की नगरी दियोटसिद्ध में 14 मार्च से चैत्र माह के मेलों का श्रीगेणश होगा। चैत्र माह के मेले शुरू होने से पूर्व ही वन विभाग तथा संबंधित ग्राम पंचायत चकमोह के बीच तनाव काफी बढ़ चुका है। देखने वाली बात यह होगी आखिर इस तनातनी में किस की जीत होती है, यह सब अभी भविष्य के गर्व में छिपा हुआ है।

पिछले तीन चार वर्षों से वन विभाग अस्थाई दुकानदारी में अडंगा डाल रहा है

यदि दियोटसिद्ध में लगने वाली अस्थायी दुकानों को वन विभाग की कार्रवाई में हटा दिया जाता है, तो ऐसे में 40 के करीब परिवारों पर रोजी रोटी के लाले पड़ सकते हैं। बुद्विजीवियों का यह भी कहना है,कि जब से बाबा जी का अस्तित्व है तभी से दुकानदारी चली आ रही है। पिछले तीन चार वर्षों से वन विभाग अस्थाई दुकानदारी में अडंगा डाल रहा है।

लोगों का तो यह भी कहना है, चारों तरफ से जब भी कोई गाज गिरती है वो हमेशा गरीब आदमी पर ही गिरती है। इस संर्दभ में डीएफओ हमीरपुर प्रीति भंडारी का कहना है कि दियोटसिद्व में स्थापित अस्थायी दुकानों को लेकर पुलिस विभाग में मामला दर्ज करवा दिया है।

जब उनसे पूछा गया कि जिस जगह पर अस्थायी दुकाने स्थापित होती है उस जगह पर ग्राम पंचायत चकमोह के हक हकूम हैं, तो उनका कहना था कि पंचायत प्रतिनिधि विभाग को सूचित करे कि उनके कैसे हक हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार सालों से विवाद चल रहा है। पंचायत ने विभाग से किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं ली है। जोकि नियमों के विरुद्व है।

क्या कहती हैं ग्राम पंचायत प्रधान

प्रधान ग्राम पंचायत चकमोह फूलां देवी का कहना है कि पंचायत ने नियमों अनुसार कार्य करते हुए 40 के करीब अस्थायी दुकानों की नीलमी कर दी है। जबसे बाबा जी अस्तिव है तभी से अस्थायी दुकानें चलती आ रही है। जब उनसे पूछा गया कि यह गैर कानूनी है वन विभाग ने पुलिस में केस दर्ज करवा दिया है, तो उनका कहना था कि मुझे इस बारे कोई जानकारी नहीं है। पंचायत ने नियमों के अनुसार ही अस्थायी दुकाने स्थापित करवाई हैं।

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams