dr lekh raj sharma

उन्होनें कहा कि पहली बार जब मनुष्य पृथ्वी पर आया तो सूर्य चन्द्र का आश्चर्य से अवलोकन किया

अमित सूद,जोगिंद्रनगर।
अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन 6 जनवरी 2019 से 8 जनवरी 2019 तक गोरखपुर उतराखणड में किया गया। सम्मेलन में स्वागत व संचालन आयोजन ज्योतिशार्चाय डॉ ज्योतिष का पूर्ण विकास सम्भव धनेष मणि त्रिपाठी ने किया। उन्होने सर्वप्रथम गुरू व माता पिता को मंच पर स्थान देने व प्रणाम करने के साथ कार्यक्रम की शुरूआत की। सम्मेलन में कैप्टन डॉ लेखराज शर्मा विशेष रूप से आमन्त्रित थे।

सम्मेलन में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ लेखराज शर्मा ने कहा कि ज्योतिष मानव जीवन को समझने का एक आयाम है। उन्होनें कहा कि पहली बार जब मनुष्य पृथ्वी पर आया तो सूर्य चन्द्र का आश्चर्य से अवलोकन किया। उनके गूढ़ रहस्यों के बारे में पता लगाया,यही ज्योतिष है। उन्होनें कहा कि ज्योतिष का यह ज्ञान इसी पवित्र देश में प्राप्त हुआ। उन्होनें कहा कि ज्योतिष की अनेक विद्याऐं जो पश्चिम जगत में पाई जाती हैं,वह भारत की ही देन हैं। डॉ लेखराज शर्मा ने कहा कि ज्योतिष को निजी स्वार्थ से ऊपर उठाकर लोक हित में सलंग्न होना चाहिए तभी है।

डॉ लेखराज शर्मा को समापन अवसर पर आये शंकराचार्य सुमेर पीठाधीश्वर काशी स्वामी नरेन्द्र आनंद सरस्वती ने अपना शुभ आर्शीवाद दिया। उन्हें ज्योतिष में किये उनके इत्कृष्ट कार्यो के लिए उतरीय वस्त्र व प्रंशसा पत्र से नवाजा गया। इस अवसर पर ज्योतिशाचार्य अनिल वस्त, ईरान के ज्योतिशार्चाय एहसान केजिनी, जालन्धर से आए राजीव शर्मा, आचार्य शरह चन्द मिश्रा, जितेन्द्रधर दूवे, मनीश तिवारी, अशोक शुक्ला तथा अमेरिका से आए ज्योतिश्चार्य डेविड वाइंट पार्किस भी उपस्थित थे।

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