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शिक्षा विभाग ने लागू किए MHRD के आदेश

सरकारी और निजी प्राइमरी स्कूलों के लिए फरमान जारी

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों ने यदि 31 मार्च 2019 तक यदि अपनी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं की तो शिक्षक की नौकरी चली जाएगी। प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय के आदेश शुक्रवार को लागू कर दिए हैं। ये फरमान सरकारी प्राइमरी स्कूल ही नहीं, बल्कि निजी स्कूलों में कार्य करने वाले शिक्षकों के लिए भी दिए गए हैं।

शिक्षकों पर सख्ती बरतते हुए प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि आरटीई एक्ट के मुताबिक पहले केंद्र सरकार ने न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को बढ़ाने की डेट 31 मार्च, 2015 तय की गई थी, लेकिन एमएचआरडी के मुताबिक अब संसद में इस तिथि को आगे बढ़ाने पर फैसला लिया गया है। लिहाजा प्रदेश के सभी शिक्षकों के लिए भी ये आदेश जारी कर दिए गए हैं।

शिक्षा विभाग ने सभी उपनिदेशकों को उन शिक्षकों के पंजीकरण के आदेश भी दिए हैं, जिन्होने अपनी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं की है। प्रिंसिपलों  को भी कहा गया है कि वे शिक्षकों की लिस्ट जल्द तैयार करके शिक्षा विभाग को सौंपें। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी शिक्षक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करने को लेकर अपना स्वयं पंजीकरण दर्ज करवा सकता है।

डीएलईडी कोर्स जल्द करें

प्रारंभिक शिक्षा विभाग के मुताबिक जिन शिक्षकों ने डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन कोर्स नहीं किया है। उसे करने के बारे में समय सीमा बढ़ाई गई है। गौर हो कि डीएलईडी कोर्स करने के लिए बारहवीं में 50 फीसदी अंक जरूरी होते हैं। इसमें भी साफ किया गया है कि यदि किसी शिक्षक के कम अंक है तो वह बारहवीं कक्षा में रि-अपीयर भी दे सकता है।

सरकारी प्राइमरी और निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को 31 मार्च 2019 से पहले न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर शिक्षक की नौकरी को खतरा है। -मनमोहन शर्मा, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा विभाग

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