News Flash
education secretary

शिक्षकों के रिक्त पदों के केस में आज फिर होगी सुनवाई

टीचर्स की कमी दूर करने संंबंधी जवाब से संतुष्ट नहीं कोर्ट

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी के कारणों पर संतोषजनक उत्तर न देने पर हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को एक बार फिर अदालत में पेश होने के आदेश दिए। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात शिक्षा सचिव से पूछा है कि शिक्षा विभाग में रिक्त पड़े सभी प्रकार के पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? कोर्ट ने कहा कि शिक्षा सचिव का शपथ पत्र पिछले आदेशानुसार नहीं है।

कोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी थी कि स्कूलों में हर विषय के अनुसार रिक्त पदों की संख्या कुल कितनी है? जिले के अनुसार स्कूल की संख्या कितनी है? कितने पदों को भरने के लिए प्रदेश स्टाफ सिलेक्शन कमीशन को रिकविजिशन भेजी गई है। कितने समय में खाली पड़े पदों को भरा जाएगा? इसके बाबत जानकारी सचिव के शपथ पत्र के माध्यम से न्यायालय के समक्ष रखने के आदेश जारी किए गए थे। इससे पहले कोर्ट ने शिक्षा सचिव से पूछा था कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के खाली पड़े पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? यदि कदम उठाए गए हैं तो किस स्टेज तक पहुंचे हैं?

शिक्षा सचिव ने पिछले शपथ पत्र में कहा था कि स्कूलों में अध्यापकों की कमी की एक वजह अदालतों में लंबित पड़े मामलों का होना भी है। इस पर कोर्ट ने यह भी पूछा था कि वह कौन कौन से मामले हैं जिन कारण सरकार स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को नहीं भर पा रही है। सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मुख्यमंत्री की इस जनहित याचिका की जानकारी व समय समय पर जारी कोर्ट के उपरोक्त आदेशों से अवगत करवाया जाएगा। मामले पर आज फिर से सुनवाई होगी।

शिक्षकों के करीब 9000 पद अब भी खाली

शिक्षा सचिव के अनुसार प्राइमरी स्कूलों में 1754, अप्पर प्राइमरी स्कूलों में 2499 और सीएंडवी अध्यापकों जिनमें भाषा अध्यापक, कला अध्यापक और शारीरिक शिक्षा अध्यापक आते हैं, उनके 5277 पद रिक्त पड़े हैं। मामले में नियुक्त एमिक्स क्यूरी ने बताया है शिक्षा विभाग के लिए शिक्षकों की तनख्वाह देने को जारी कुल बजट का 23 प्रतिशत हिस्सा केवल इसलिए लैप्स हो जाता है कि ये पद खाली हैं।

कर्मचारी चयन आयोग से भी मांगा जवाब

कोर्ट ने कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष को भी व्यक्तिगत शपथ पत्र के माध्यम से यह बताने को कहा कि शिक्षकों के पदों को भरने के लिए कितने दिनों में चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी? आयोग ने कोर्ट को बताया था कि भाषा अध्यापक के 122, ड्राइंग मास्टर के 77 और शास्त्री के 234 पदों को भरने के लिए सरकार को सिफारिश भेज दी गई है। अब सरकार द्वारा ये नियुक्ति दी जानी है। प्रदेश उच्च न्यायालय ने मुख्य सचिव को आदेश दिए हैं कि वह इस बावत जल्द प्रक्रिया पूरी करें।

यह भी पढ़ें – महंगाई पर राजनीतिक लाभ लेने वाले आज मौन – विक्रमादित्य

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams