transfer policy

अगली कैबिनेट में पॉलिसी का ड्राफ्ट मांगा सरकार ने

पहले से तय होगा, किन मामलों में नहीं होंगे तबादले

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
जयराम सरकार के मंत्री कर्मचारी तबादलों के आवेदनों से परेशान हो गए हैं। ट्रांसफर पर बैन के बावजूद लग रही सिफारिशों की भीड़ से निजात पाने के लिए कैबिनेट ने ट्रांसफर पॉलिसी बदलने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए कार्मिक विभाग को अगली कैबिनेट बैठक में ट्रांसफर पॉलिसी का नया ड्राफ्ट रखने को कहा गया है, जिसमें ये पहले से तय हो कि किन-किन मामलों में अब तबादले नहीं होंगे?

दो मंत्रियों ने इस कवायद की पुष्टि करते हुए बताया कि बुधवार को हुई बैठक में मंत्रिमंडल के लगभग सभी सदस्यों ने ये महसूस किया कि तबादलों के कारण काफी समय जाया हो रहा है। तबादलों की सिफारिशें भी शॉर्ट स्टे वाली ज्यादा हैं। ऐसे में अब इनसे निजात पाकर काम पर ध्यान देने की जरूरत है। शिक्षा विभाग को पहले ही चल रहे सेशन में तबादले सूट नहीं कर रहे।

वर्तमान में हालांकि सामान्य तबादलों पर बैन है और ऐसे वक्त में केवल मुख्यमंत्री की तबादला आदेश कर सकते हैं। लेकिन ये तबादले मंत्रियों और विधायकों के डीओ पर होते हैं और वोटर्स को नाराज न करने की मजबूरी के कारण मंत्री एवं विधायक ये डीओ देने से इनकार नहीं करते। इससे सरकार का समय और ऊर्जा दोनों जाया हो रहे हैं।

राज्य में न ट्रांसफर एक्ट, न ही रूल्स

राज्य में सरकारी कर्मियों तबादलों के लिए न तो कोई तय कानून है और न ही कोई नियम। केवल गाइडिंग प्रिंसिपल्स फॉर जनरल ट्रांसफर्स के आधार पर ही ये काम चल रहा है। इसमें भी समय समय पर संशोधन होता रहता है। पॉलिसी भी कोई नहीं है, लेकिन इन्हीं गाइडिंग प्रिंसिपल्स को पॉलिसी कहा जाता है। अब इसमें ही नए सिरे से संशोधन होगा।

ड्राफ्ट पर सभी बड़े महकमों से चर्चा

ट्रांसफर पॉलिसी का नया ड्राफ्ट तैयार करने से पहले शिक्षा, स्वास्थ्य, आईपीएच व लोक निर्माण विभाग जैसे बड़े महकमों से भी राय ली जाएगी। कैबिनेट ने कहा है कि तबादलों से पहले ये देखा जाए कि जिस कर्मचारी का ट्रांसफर किया जा रहा है, उसका पहले कितनी बार ट्रांसफर हो चुका है? तबादला कर्मचारी की जरूरत पर हो या विभाग की जरूरत पर?

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