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बिलासपुर कुलवाड़ी गांव के सुखदेव ने मिसाल की कायम

शादी के 10 माह बाद ह्दय गति रुकने से बेटे की हुई थी मौत 

प्रदीप धीमान। घुमारवीं

अभी तक हम सबने पिता को ही बेटी का कन्यादान करते देखा होगा, लेकिन बिलासपुर में एक ससुर ने समाज में अनोखी मिसाल पेश करते हुए बहू का कन्यादान किया है। शादी के लिए मंडप भी सजा और सात फेरे भी लिए गए। जिले की मैहरी काथला पंचायत के गांव कुलवाड़ी के सुखदेव ने अपनी बहू को पुत्री समझकर उसका कन्यादान किया। कुलवाड़ी के HRTC से सेवानिवत्त सुखदेव के बेटे की मार्च 2012 में हृदय गति रुकने के कारण मौत हो गई थी।

उस समय उनके बेटे की शादी को करीब 10 माह ही हुए थे। उनका बेटा अरुण उर्फ लक्की व बहू अनू बाला मई वर्ष 2011 में प्ररिणय सूत्र में बंधे थे। दोनों ने बी-फार्मा किया हुआ था तथा दोनों चंडीगढ़ में नौकरी करते थे। चंडीगढ़ में ही बेटे की ह्दय गति रुकने से मौत हो गई थी। बेटे की मौत के सदमे में डूबे सुखदेव ने अपने दुख से ज्यादा बहू के भविष्य को संवारने की ठानी।

सुखदेव बहू के लिए अच्छे जीवन साथी की तलाश में थे। आखिरकार ऊना में उन्हें बेटी समान बहू के लिए अनिल नाम का जीवनसाथी मिल गया। अनिल कुमार वर्तमान में एयरफोर्स में है। ऊना में ही अनिल का घर है, जबकि मरवाड़ी रायपुर ऊना में उनकी बहू के मायके हैं। होटल में इन दोनों की शादी हुई। ससुर ने वहां पहुंचकर बहू का बेटी मानकर कन्यादान किया।

 

आभार रैली का साइड इफेक्ट- HRTC ने बिना सूचना 37 रूट किए बंद

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