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चार साल बाद आनन-फानन में आबकारी एवं कराधान विभाग ने दर्ज करवाई शिकायत

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। पांवटा साहिब
हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े व देश के बड़े वित्तीय घोटालों में से एक इंडियन टेक्नोमेक कंपनी घोटाले में आखिरकार 4 साल बाद आननफानन में FIR दर्ज करवाई। आबकारी एवं कराधान विभाग ने पांवटा क्षेत्र के माजरा थाने में कंपनी के संचालकों व मुख्य आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया है।

विभाग की शिकायत पर पुलिस ने धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। लगभग 6000 करोड़ के इस घपले में इंडियन टेक्नोमेक कंपनी के सीएमडी राकेश कुमार शर्मा डायरेक्टर एंड एक्वायर विनय शर्मा सहित डायरेक्टर रंगनाथन श्रीनिवासन एवं अश्वनी कुमार साहू को आरोपी बनाया गया है।

विभाग ने देर रात को ही मामले में लगभग साढ़े 10 बजे FIR दर्ज करवाई

आबकारी एवं कराधान विभाग ए आईटीसी जीडी ठाकुर पांवटा साहिब के ईटीओ विनय कुुमार, कालाअंब ईटीओ प्रेम सिंह कायथ व अश्वनी शर्मा ने कंपनी के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। FIR दर्ज होने के पीछे अहम बात यह है कि शिमला के ठियोग से विधायक राकेश सिंघा ने इस मामले में विधानसभा में प्रश्न उठाया था। इनपर मुख्यमंत्री की सदन में जबाब देना था। इस लिए विभाग ने देर रात को ही मामले में बीती रात लगभग साढ़े 10 बजे FIR दर्ज करवाई।

समूचे मामले में गौरतलब यह है कि घपले के प्रकाश में आने के 4 साल तक जिम्मेदार विभाग महज फाइलें उलट-पुलट करते रहे। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। हैरानी की बात यह है कि प्रदेश में इतना बड़ा वित्तीय घटना होने के बावजूद सरकार व जिम्मेदार विभागों ने इस मामले को उच्च स्तरीय जांच के लिए नहीं उठाया।

यही कारण है कि 6 हजार करोड़ के इस घोटाले में आरोपियों के साथ अधिकारियों सहित अन्य लोगों की संलिप्तता का भी खुलासा नहीं हो पाया है। सवाल यह खड़ा होता है कि विभाग व सरकार के स्तर पर आखिर किस किस को बचाने का प्रयास किया गया। उधर, डीएसपी पांवटा प्रमोद चौहान ने FIR दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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