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first snowfall

क्षेत्र में बढ़ा ठंंड का प्रकोप, लोगों को करना पड़ रहा दिक्कतों का सामना

विस उपाध्यक्ष हंसराज ने नुकसान का आंकलन के लिए कृषि विभाग को दिए आदेश

हिमाचल दस्तक। चुराह/चंबा
चुराह उपमंडल की ऊंची चोटियां सहित दुर्गम पंचायतों में हिमपात हुआ है। इसके चलते इलाके में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर सीजन की पहली बर्फबारी के चलते ऊंचे क्षेत्रों में बोई मटर की फसल भी तबाह हो गई है। इसके चलते किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उपमंडल चुराह में किसानों द्वारा दो फसलें ही बोई जाती हैं, जिसमें गेहूं और दूसरी मक्की की फसल उगाई जाती है, लेकिन कुछ किसानों द्वारा पहाड़ी क्षेत्रों में अधिकतर मटर की फसल ही बोई जाती है।

मटर की फसल तैयार होने में तीन माह का समय लग जाता है। लेकिन इस बार बर्फबारी होने के वजह से यहां मटर की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। इसके चलते किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। ताकि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न पेश आए।

सीजन की पहली बर्फबारी से ही किसानों की दिक्कतें बढ़ गई

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत अलवास, गुईला, भनोढी, जनवास, मंगली, चरडा, पद्धर और दन्तुइं समेत अन्य इलाकों में मटर की फसल को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा है। इसके चलते किसान परेशान है। क्षेत्र में अधिकतर आबादी किसानी कर ही अपनी आर्थिकी अर्जित करते है। लेकिन सीजन की पहली बर्फबारी से ही किसानों की दिक्कतें बढ़ गई है।

विस उपाध्यक्ष हंस राज ने कृषि विभाग को कहा है कि विभाग अपने फील्ड कर्मचारियों के माध्यम से इन इलाकों में तुरंत पहुंचे और राजस्व विभाग के अलावा कृषि विभाग भी रिपोर्ट तैयार करे कि कुल मिलाकर कितना नुकसान किसानों को इस बर्फबारी के चलते हैं उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लिए किसानों के हित सर्वोपरि है और उन्हें हर हाल में सुरक्षित किया जाएगा।

होली की ऊंची चोटियों में हिमपात

होली। होली क्षेत्र के ऊपरी क्षेत्रों में हिमपात होने से समूचा इलाका प्रचंड ठंड की चपेट में आ गया है। बुधवार देर रात को क्षेत्र के ऊपरी चोटियों में हिमपात हुआ। वीरवार को यहां से भेड़पालक अपने पशुधन के साथ तालंग जोत से गुजरे। जहां काफी बर्फबारी बीती रात हुई है। इस बार बर्फबारी समय से पहले हो गई है। जबकि पिछले कई सालों में देखा गया है कि नवंबर माह के पहले सप्ताह में यहां मौसम परिवर्तित होता है। लेकिन इस बार समय से पहले बर्फबारी होने से भेड़पालकों को आवाजाही के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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