News Flash
forest department

सिर्फ इच्छुक फोरेस्ट गार्ड को ही मिलेंगे हथियार

विभाग ने पात्र वन रक्षकों के मांगे दस्तावेज

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
होशियार मर्डर कांड के बाद भी प्रदेश वन विभाग नहीं जागा। हालांकि पिछले साल करसोग की कतांडा बीट में फोरेस्ट गार्ड होशियार सिंह का मर्डर हुआ था। उसके बाद वन विभाग ने सभी वन रक्षकों को हथियार देने की बात की थी। यहां तक कि वन विभाग ने फोरेस्ट गार्ड को हथियार देने के लिए प्रस्ताव भी तैयार कर दिया था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अब सिर्फ इच्छुक वन रक्षकों को ही हथियार दिए जाएंगे। आज तक किसी भी फोरेस्ट गार्ड को हथियार नहीं दिया गया।

बताया गया कि प्रदेश की संवेदनशील बीट पर सेवाएं दे रहे फोरेस्ट गार्ड को ही हथियार दिए जाएंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात वन रक्षकों को हथियार खरीदने के लिए सब्सीडी भी दी जाएगी। बताया गया कि फोरेस्ट गार्ड सेवानिवृत होने के बाद वह हथियार अपने नाम कर सकता है। हथियार दिए जाने के लिए वन विभाग ने पात्र व इच्छुक वन रक्षकों को चयनित करने के लिए कहा गया। इसके साथ-साथ चयनित वन रक्षकों को हथियार के लाईसेंस प्रदान करने के मामलों को आवश्यक दस्तावेज सहित मुख्यालय भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि पूर्व की वीरभद्र सिंह सरकार ने वन माफिया पर नकेल कसने के लिए संवेदनशील बीट पर सेवाएं दे रहे फोरेस्ट गार्ड को हथियार देने की घोषणा की थी। उसके बाद प्रदेश की वर्तमान सरकार ने भी हथियार देने का दावा किया था। हैरानी की बात है कि होशियार मर्डर केस को पूरे एक साल होने को है, लेकिन सरकार ने किसी भी फोरेस्ट गार्ड को हथियार नहीं दिया।

सीबीआई भी नहीं कर पाई जांच पूरी

फोरेस्ट गार्ड होशियार सिंह की संदिग्ध मौत के केस में सीबीआई ने अभी तक भी जांच पूरी नहीं की। गत अपैल माह में जांच एजेंसी की टीम करसोग के कतांडा जंगल भी पहुंची थी और जांच एजेंसी की टीम तीन बार उस पेड़ को देख चुकी है, जिस पर होशियार सिंह की लाश उलटी लटकी मिली थी। जांच एजेंसी ये पता करना चाह रही थी कि आखिर किसने लाश लटकाई और उसका मकसद क्या था? मगर तीन महीने बीतने के बाद भी सीबीआई के हाथ खाली हैं।

रिपोर्टर-आरपी नेगी, शिमला

यह भी पढ़ें – वोडाफ़ोन ने पेश किए शानदार इंटरनेशनल रोमिंग पैक

Comments

Coming soon

Career Counsling

Get free career counsling and pursue your dreams