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forest department recruitment

कार्य अनुभव की शर्तों को नजरअंदाज कर दे दी नौकरी

आरटीआई से ली जानकारी में हुआ खुलासा

शैलेश सैनी। नाहन
पूर्व सरकार के कार्यकाल में वन विभाग में अनुबंध के आधार पर की गई बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ता भर्ती में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। अरण्यपाल वन वृत्त नाहन में 2016-17 के लिए कुल 11 में से सामान्य कोटे के दस लोगों को कार्य अनुभव की शर्तों को नजरअंदाज कर होटलों व ढाबों, शराब की बार में किए गए कार्य के तजुर्बे के आधार पर नियुक्ति दी गई।

आवदेन फार्म में कार्य अनुभव के बारे में स्पष्ट निर्देश थे कि बागवानी के अंतर्गत और हाउस कीपिंग कम कुकिंग में अनुभव प्रमाण पत्र सलंग्न होना चाहिए, जिसे वन मंडल अधिकारी, अधिशासी अभियंता, जिला पर्यटन अधिकारी या समकक्ष अधिकारी द्वारा प्रमाणित किया गया हो। प्रार्थी ने वन विभाग, लोनिवि, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, सरकारी विश्राम गृह अथवा निरीक्षण कुटीर या फिर पर्यटन विभाग के होटल में काम किया हो। लेकिन जिनको नौकरी पर रखा गया उनके पास ऐसी कोई अनुभव नहीं था।

जब आवेदन करने वाले भोगपुर सिंबलवाला के अमरनाथ ने आरटीआई के तहत जानकारी मांगी तो इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ। एक उम्मीदवार ने अपना कार्य अनुभव प्रमाण पत्र कालाअंब स्थित सड़क के किनारे बने ढाबे का दिया है। किसी ने कोलर की बार व रेस्टोरेंट से, तो किसी ने शिलाई की एक नर्सरी से प्रमाण पत्र लेकर दिया है। नरेश सिंह पुत्र महेंद्र सिंह का अनुभव प्रमाण पत्र कुकिंग में प्राइमरी स्कूल निहोग का है। जिसे जायज माना जा सकता है।

यानी कुल 11 पदों में से एक व्यक्ति ही नियमानुसार भर्ती हुआ है। भर्ती में वन विभाग से अनुभव लेने वाले अमरनाथ के पास वन विभाग की ही नर्सरी में कार्य करने का चार वर्ष का अनुभव था, लेकिन उसका चयन नहीं हुआ। उसी की आरटीआई संख्या 9833 से ली गई जानकारी के बाद इस भर्ती घोटाले का पर्दाफाश हुआ।

वन मंत्री बोले जांच कराएंगे

वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। संबंधित अधिकारियों से जानकारी लेकर नियमों की अनदेखी का जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

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