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चार महीने के बाद भी सैनिक गुलजार के घर में नहीं लगा बोरवेल

  • पुलवामा हमले के बाद जवाबी कार्रवाई टीम में थे शामिल
  • पत्नी का होना है ऑपरेशन

धीरज चोपड़ा। पांवटा साहिब
पुलवामा अटैक के जवाबी हमले में तीन आतंकवादियों को मारने वाली टीम के सदस्य रहे गुलजार की चार माह बाद भी पानी की समस्या हल नही हो पाई है। पुलवामा में आतंकियों से लड़ते समय इस सैनिक को पांच गोलियां लगी थीं। गुलजार पांवटा साहिब की भंगानी पंचायत में रहते हैं। उन्हें आतंकियों के साथ लड़ते वक्त पांच गोलियां लगीं थी। भाग्यवश जीवित बच गए। इस हमले के बाद अब वह एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।

पत्नी बीमार है, ऑपरेशन होना है। बच्चे छोटे हैं और खुद वह चलने में असमर्थ हैं। ऐसे में गांव के कुछ लोगों ने डीसी सहित राजनीतिक राजाओं को भी उनके घर में पानी का एक बोर लगाने की गुजारिश की, लेकिन चार माह बाद भी प्रशासन एक ऐसे सैनिक की मदद नहीं कर पाया है,जो देश के लिए सीमा पर आतंकियों से लड़ा हो। गुलजार ने बताया कि सैनिकों को बहुत सम्मान दिया जाता है। काश कि मैं भी आतंकियों की गोलियों से शहादत पा जाता तो शायद मेरे परिवार को पानी की समस्या से तो निजात मिल पाती।

चार महीने से पानी की समस्या से जूझ रहे गुलजार मोहम्मद के घर पर एक बोर तक नही लग पाया है, जिसका की वह हकदार है। उन्होंने बताया कि हमारी टीम के पांच सदस्य शहीद हो गए थे, जिसमें देहरादून से मेजर शंकर डोंडियाल भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि पानी की समस्याओं को लेकर डीसी सिरमौर को अवगत करवाया गया था। डीसी सिरमौर ने आश्वासन दिया था कि बोर स्वीकृत हो गया है जल्द लग जाएगा। वहीं गांव के लोगों ने डीसी सिरमौर से गुलजार मुहम्मद के घर हैंडपंप लगवाने की अपील की है। बहरहाल, प्रशासन की अनेदखी के चलते सैनिक को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

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