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Free anchor starts with Churdhar Yatra

इस बार ज्यादा बर्फबारी के कारण देरी हुई यात्रा में, चूड़धार सेवा समिति ने की लंगर की व्यवस्था

अनिल सूद। नेरवा : शिमला, सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित शिरगुल देवता की तपोस्थली में आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए निशुल्क लंगर की व्यवस्था प्रारंभ हो चुकी है। बता दें कि चूड़धार स्थित शिरगुल देवता पर जिला सिरमौर, सोलन, शिमला के अतिरिक्त उत्तराखंड के जौनसार बाबर क्षेत्र के लोगों की अगाध आस्था है। अप्रैल माह से चूड़धार की धार्मिक यात्रा शुरू हो जाती है और अक्तूबर माह तक प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु चूड़धार पहुंचते हैं।

इसके अलावा ट्रैकिंग के शौकीन युवक और पर्यटक भी भारी संख्या में चूड़धार आते हैं। इस साल सर्दियों में चूड़धार में अत्यधिक बर्फबारी के चलते यह यात्रा एक माह देरी से मई में शुरू हुई। बीते कुछ साल में चूड़ेश्वर सेवा समिति प्रति वर्ष चूड़धार में नि:शुल्क लंगर की व्यवस्था कर रही है। चूड़ेश्वर सेवा समिति के नवनिर्वाचित भंडारा अध्यक्ष सीता राम जस्टा ने बताया कि 15 मई को चूड़धार में भगवान शिरगुल की पूजा-अर्चना के उपरांत चूड़ेश्वर सेवा समिति के अध्यक्ष बीएम नांटा और सेवा समिति चौपाल के अध्यक्ष हरिनंद मेहता की उपस्थिति में लंगर की विधिवत शुरुआत की गई।

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