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जयराम पर रही नजरें, वीरभद्र से पहले मुकेश की सीट

  • मां प्रतिभा सिंह ने बेटे विक्रमादित्य को शपथ लेते देखा
  • आशीष बुटेल ने शपथ के बाद पिता बुटेल के पांव छुए

संजय अग्रवाल। धर्मशाला
धर्मशाला के तपोवन में 13वीं विधानसभा की शपथ के साथ ही हिमाचल में राजनीतिक पीढ़ी में भी परिवर्तन हो गया। प्रोटेम स्पीकर रमेश धवाला ने सभी 68 विधायकों को शपथ दिलाई। शपथ लेने की शुरुआत मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से हुई। फिर कैबिनेट मंत्री, कांगे्रस विधायक दल और फिर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने शपथ ली। इसके बाद विधानसभा क्षेत्रों के सीरियल नंबर के हिसाब से शपथ हुई।
शपथ ग्रहण कार्यक्रम में राजनीति में आए बदलावों की झलक भी दिखी।

वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी एवं पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने मां के रूप में बेटे विक्रमादित्य को शपथ लेते देखा, जबकि आशीष बुटेल ने शपथ के बाद पिता बुटेल के पांव छूए। बुटेल, प्रतिभा सिंह विधानसभा की VIP दीर्घा में मौजूद थे। हालांकि सदन के पहले ही दिन नए मुख्यमंत्री जयराम पर सबकी नजरें थीं। पीढ़ी में हुआ ये परिवर्तन विधानसभा के नए सिटिंग प्लान में भी दिखा।

एक ओर मुख्यमंत्री के पहली सीट पर जयराम पहुंचे तो दूसरी ओर विपक्ष में वीरभद्र से पहले मुकेश अग्रिहोत्री की सीट लगी। सदन में 23 विधायक नए थे, जिन्होंने पहली बार शपथ ली। पिता पुत्र के रूप में वीरभद्र सिंह और विक्रमादित्य सिंह पहली बार विधानसभा में होंगे।

आशीष बुटेल, नरेंद्र ठाकुर, हर्षवर्धन चौहान, राकेश सिंघा, अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह, नंदलाल, होशियार सिंह आदि ने अंगे्रजी में शपथ ली, बाकी सभी ने हिंदी में। सदन में परमजीत सिंह पम्मी सिख समुदाय के अकेले विधायक हैं, जबकि अनिल शर्मा ऐसे अकेले मंत्री हैं, जो लगातार दो सरकारों में ‘दल बदलने के बाद’ कैबिनेट में ही रहे हैं।

जयराम का मेज थपथपाकर स्वागत

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जैसे ही सदन में आए भाजपा विधायकों ने मेज थपथपाकर उनका स्वागत किया। इसकी शुरुआत महेंद्र सिंह ने करवाई, जो सीएम के बाद नंबर टू सीट पर बैठे थे।

वीरभद्र के पैर छुए धवाला ने

प्रोटेम स्पीकर रमेश धवाला जब शपथ दिलवा रहे थे तो उन्होंने वीरभद्र सिंह के पांव छुए। जैसे ही वीरभद्र सिंह शपथ लेने के लिए आसन के पास पहुंचे तो धवाला शपथ दिलाने से पहले पांव में झुक गए।

मंत्री को ही नहीं पहचान पाए गेट कर्मी

विधानसभा में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ग्रामीण विकास मंत्री विरेंद्र कंवर को नहीं पहचान पाए। कंवर मीडिया की तरफ वाले गेट से जा रहे थे, तो कर्मचारी ने उन्हें सदन में जाने से रोक लिया। बाद में परिचय देने के बाद उन्हें जाने दिया गया।

पहले दिन खूब चला जफ्फियों का दौर

विधानसभा में पहले दिन जफ्फियों का दौर खूब चला। सबसे पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर वीरभद्र सिंह से मिले और उसके बाद सभी मंत्री भी विपक्ष के विधायकों से गले मिले। सभी ने एक दूसरे को बधाई दी। ऐसा दृश्य अरसे बाद देखा गया।

नौ ने अंग्रेजी में ली शपथ

विधानसभा सदस्य के तौर पर नौ सदस्यों ने अंग्रेजी भाषा में शपथ ग्रहण की। अंग्रेजी में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, विक्रमादित्य सिंह, अनिरुद्ध सिंह, नरेंद्र ठाकुर, हर्ष वर्धन चौहान, राकेश सिंघा, नंदलाल, आशीष बुटेल और होशियार सिंह ने शपथ ग्रहण की। इसके अलावा अन्य सभी विधायकों ने हिंदी में विधानसभा सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण की।

भर्तियों में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा

धर्मशाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी सरकार भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं करेगी। युवाओं को रोजगार के मामले में भर्तियों में भी पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग से बैठक कर उन्हें साफ निर्देश दे दिए गए हैं कि पहले जो भी रहा हो, आगे से इस व्यवस्था को ठीक करें। जो भी कमियां इस बारे में सामने आएंगी, उन्हें दूर किया जाएगा।

गांधी की ट्रांसफर को माइनिंग से न जोड़ें

धर्मशाला। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि ऊना के एसपी संजीव गांधी की ट्रांसफर को खनन माफिया से न जोड़ें। सरकार ने पुलिस प्रमुख भी बदला है। साफ सी बात है। सरकार बदली है, शासन और प्रशासन भी बदलेगा। इसमें कुछ नया नहीं है। जहां तक खनन माफिया की बात है तो खनन के लिए हम एक नई पॉलिसी लाने जा रहे हैं। माफिया किसी भी प्रकार का हो, उसके लिए अब आने वाले दिन अच्छे नहीं हैं।

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