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अभी से हो रही बातें, सरकार में है आरएसस का भारी दखल

  • सरकार अभी भी जश्न में, अभिभाषण में न दिशा, न ही लय
  • पूछा, प्रोजेक्टड सीएम धूमल के वादों का अब क्या होगा?

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। धर्मशाला
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सलाह दी है कि अपना रिमोट अपनी जेब में ही रखें। राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन में शुरू हुई चर्चा के दौरान अग्निहोत्री ने कहा कि अभी से ये बातें हो रही हैं कि सरकार में संघ का दखल ज्यादा हो गया है। ऐसा लग रहा है कि गाड़ी का स्टेयरिंग आपके हाथ में है और गियर कोई और डाल रहा है। ऐसे लोगों को अपने से दूर रखें। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार फैसले लेने में जरूरत से ज्यादा जल्दबाजी दिखा रही है।

तबादले बीच सत्र में किए जा रहे हैं। कुल्लू के रघुनाथ मंदिर अधिग्रहण को रद करने का फैसला सुप्रीमकोर्ट में केस लंबित होने के बावजूद ले लिया गया। रिटायरी हटाए तो साथ ही पटवारी-कानूनगो भी बाहर कर दिए, जिनको बाद में फिर रखना पड़ा। अग्निहोत्री ने सरकार से पूछा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि प्रोजेक्टड CM कोई और थे और इलेक्टड CM कोई और।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी अपने संक्षिप्त भाषण में किया इशारा

अब चूंकि बात तो चुने हुए मुख्यमंत्री से ही हो सकती है, इसलिए CM बताएं कि चुनाव के दौरान धूमल की ओर से किए गए वादों का क्या होगा? इनका जिक्र अभिभाषण में भी नहीं है। धूमल ने कहा था रूसा हटाएंगे, नहीं हटा। कहा था प्रदेश की सीमाओं से बैरियर हटाएंगे, कर्मचारियों को 4-9-14 देंगे और सेब की बगीचे नहीं कटने देंगे। मुकेश ने कहा कि आप पहले भी इस सदन में थे और आपको पता है कि पिछले कार्यकाल में सदन कैसे चलता था? फिर भी हम पूरा सहयोग देने की कोशिश करेंगे।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी अपने संक्षिप्त भाषण में ये इशारा किया है कि बदले की भावना के बजाय रचनात्मक काम पर ध्यान दिया जाए। अग्निहोत्री ने कहा कि जहां तक अभिभाषण की बात है तो इसे देखकर लगता है कि सरकार अभी जश्न के मोड से बाहर नहीं आई है। इसके लिए कोई होमवर्क नहीं किया गया। न प्राथमिकता साफ है, न ही एजेंडा। लेकिन हम आपको समय देंगे। आपने विभागों को 100 दिए हैं। ये भी दूर नहीं है।

पहले दिन से ही कंगाली का रोना क्यों?

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि हमें कोसने से अब कोई फायदा नहीं, क्योंकि लोगों की नजरें अब आप पर हैं। लेकिन आपने तो शुरू में ही वित्तीय कंगाली का रोना शुरू कर दिया। वीरभद्र सिंह 6 बार सीएम रहे। हमने पिछली बार भी एक दिन पैसे की कमी की बात नहीं की। आपकी तो दिल्ली में भी सरकार है। आपने बेलआउट पैकेज की बात की है। ये पैकेज लाओ। प्रदेश आपको याद रखेगा। हमारी जरूरत हो तो हम भी साथ चलेंगे।

भत्ता न दो, पर बताओ रोजगार कैसे दोगे?

मुकेश ने पूछा कि आपकी सरकार है, बेरोजगारी भत्ता नहीं देना है, मत दो। लेकिन ये बताओ कि 12 लाख बेरोजगारों के लिए रोजगार का इंतजाम कैसे होगा? हम अगर विपक्ष में पहुंचे तो ऐसा नहीं है कि काम नहीं किया। काम बहुत किया, लेकिन फिर भी बदलाव हुआ। इस बदलाव का अब एहसास भी होना चाहिए। अब इसे आप राजनीतिक दुर्घटना कह लो या भाग्य का फल, लेकिन प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है।

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