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अभी 2 से 3 दिन तक रहेगा और गुजरात का तुफान

तोमर ठाकुर। सोलन
गुजरात के कच्छ और रण से उठा तुफान उत्तर भारत के साथ- साथ अब जिला सोलन में भी पहुंच गया है। तेज व गर्म हवाएं के साथ उड़ रही धूल भरी आंधी ने अब जिला भर के आसमान पर धूल भरी परत को जमा दिया है। बुधवार को देर रात यह तुफान जिला सोलन में पहुंच गया। इसके चलते वीरवार को सुबह से ही लोगों को इस तुफान का सामना करना पड़ा। बताते चले कि अभी दो से तीन दिन यह तुफान सोलन में ही रहेगा। मौसम विभाग की माने तो गुजरात से उठा यह तुफान शिमला की और बढेगा।

वहीं तुफान के आने से लोगों के स्वास्थय पर भी पड़ रहा है। तुफान के आने से सबसे अधिक परेशानी का सामना सांस की बिमारी से ग्रस्त मरीजों को करना पड़ रहा है। वीरवार को दिन भर धूल भरी आंधी के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखो में जलन व चर्मरोग रोग संबंधित बिमारीयों से झूजना पड़ा।

धूल भरी आंधी के उडऩे से इसका सीधा असर प्रदूषण पर भी पड़ता है

जानकारी के अनुसार गुजरात के कच्छ और रण में बीते कुछ दिन पहले तेज हवाएं चली थी। इन तेज हवाओं के चलते रेत का गुबार हवाओं में उडऩे लगा। हांलाकि भारी रेत कुछ दूरी के बाद जमीन पर गिर जाता है। लेकिन तेज हवाएं आसपास की धूल को भी साथ लेकर उड़ती रहती है। इतना ही नहीं तेज हवाएं जहां भी जाती है वहीं पर धूल भरा गुबार उड़ता हुआ नजर आता है। मौसम विभाग की माने तो यह धूल भरी आंधी जमीन के आसपास ही सबसे अधिक होती है।

जिसके चलते आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गुजरात के इस तुफान का असर कृषि पर भी पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दिल्ली की और से तेेज हवाएं चल रही है। इतनी तेज हवाएं जहां भी जा रही है वहां धूल भरी आंधी उड़ती हुई नजर आ रही है। धूल भरी आंधी के उडऩे से इसका सीधा असर प्रदूषण पर भी पड़ता है।

किसानों की फसल पर भी पड़ेगा असर

गुजरात के इस तुफान का असर कृषि पर भी पड़ रहा है। किसानों के द्वारा लगाई गई नगदी फसलों को इस धूल भरी आंधी में खराब होने का खतरा भी सताने लगा है। विशेषज्ञों के अनुसार धूल बैठने से पेड़ पौधो में प्रकाश संशलेषण की प्रकिया पूरी नहीं हो पाती है।

मास्क या फिर मुंह पर कपड़ा ढ़क कर घर से बाहर निकले- डॉ एन के गुप्ता

जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एन के गुप्ता ने कहा कि धूल का सीधा असर सांस की परेशानी झेल रहे मरीजों पर पड़ेगा। डॉ एनके गुप्ता ने सभी लोगों को हिदायत दी कि वह इस तुफान से बचे व कोई जरुरी कार्य हो तभी अपने घर से बाहर निकले। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लोग मास्क या फिर मुंह पर किसी भी प्रकार का कपड़ा ढ़क कर घर से बाहर निकल सकते है।

बुधवार को गुजरात से आया तुफान सोलन पहुंच गया है। यदि बारिश नहीं होती है तो यह तुफान 2 से 3 तीन तक जिला भर में ही रहेगा । तुफान शिमला की ओर बढ़ रहा है। -डॉ मोहन सिह चांगरा, कृषि मौसम वैज्ञानिक।

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