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Himachal to give Rs 3 crore to the Central Government till April 2

सेनेटरी नैपकिन मुहैया करवाने पर हिमाचल हाईकोर्ट सख्त

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला : प्रदेश हाईकोर्ट ने महिलाओं व स्कूली छात्राओं को आसानी से सेनेटरी नैपकिन मुहैया करवाने को लेकर दायर एक याचिका में केंद्र सरकार को आदेश दिए हैं कि राज्य सरकार को स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस कार्य हेतु तीन करोड़ रुपये की राशि जारी करे। कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह राशि दो अप्रैल तक जारी करने के आदेश दिए हैं।

मामले की सुनवाई के दौरान सरकार ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश के सभी स्कूलों में मांग के हिसाब से छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन मुहैया करवाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने अपने फंड से इसके लिए एक करोड़ रुपये खर्चे हैं, जबकि केंद्र सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत घोषित तीन करोड़ रुपए की राशि अभी तक नहीं मिली है। छह नैपकिन के एक पैक की कीमत एक रुपए रखी गई है। इसमें एचआरटीसी की ओर से बताया गया कि प्रदेश के 53 बस अड्डों में सेनेटरी वेंडिंग मशीनें लगाने का काम जारी है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने प्रेम मोहिनी गुप्ता द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद एचआरटीसी, नगर निगम, नगर परिषद व अन्य स्थानीय निकायों को उनके द्वारा नैपकिन वेंडिंग मशीनें लगाने की स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश भी दिए। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया था कि महिलाएं व बच्चियां अपने लिए जरूरी सेनेटरी नेपकिन शर्म के चलते दुकानों से नहीं खरीद पातीं। इस कारण उन्हें मजबूरन कपड़े का इस्तेमाल करना पड़ता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं व बच्चियों द्वारा कपड़े का इस्तेमाल, उनके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। महिलाएं लज्जा के चलते इस्तेमाल किए गए कपड़े को खुली धूप में नहीं सूखा पातीं, जिससे कपड़ों के कीटाणु समाप्त नहीं हो पाते। इन कपड़ों के दोबारा इस्तेमाल से उन्हें गंभीर बीमारियां होने का खतरा भी बना रहता है। प्रार्थी ने सभी बड़े संस्थानों, दफ्तरों, स्कूलों, अदालतों व होटलों में प्राथमिकता के तौर पर सेनेटरी वेंडिंग मशीनों को लगवाने के आदेशों की मांग की है।

 

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