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Hospital

करवाए जा सकते है डीएनए टेस्ट

पांवटा साहिब, 16 फरवरी। हिमाचल के अस्पतालों में नवजातों के बदले का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिमला के केएनएच Hospital के बाद सिरमौर जिला के पांवटा साहिब में अब बच्चा बदलने का मामला सामने आया है। पांवटा साहिब अस्पताल पर एक व्यक्ति ने प्रसव के दौरान बच्चे की अदला-बदली का आरोप लगाया है। पुलिस में मामले की शिकायत की गई है। जबकि अस्पताल प्रबंधन पूरे मामले को सिरे से नाकार दिया है। थाना प्रभारी पांवटा अशोक चौहान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। इस बारे अस्पताल जाकर भी पूछताछ की जा रही है और रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

अस्पताल प्रबंधन हर जांच के लिए तैयार है।

यदि जरूरत पड़ी तो नवजात शिशु के साथ-साथ उससे पहले रात साढ़े दस बजे पैदा हुए बच्चे और सुबह साढ़े चार बजे पैदा हुए बच्चे के भी डीएनए टेस्ट करवाए जा सकते हैं। सूचना के अनुसार पांवटा साहिब सिविल अस्पताल पर जगदीश चंद ने बच्चे की अदला-बदली का आरोप लगाया है। जगदीश चंद ने अपनी पुलिस शिकायत में कहा है कि उसकी पत्नी की बीते 13 फरवरी की रात करीब 12 बजे डिलीवरी हुई, लेकिन उसे कई घंटों तक यह नहीं बताया गया कि नवजात बच्चा लड़का है या लड़की। इसके बाद उन्हें लड़की दे दी गई। जब उसकी पत्नी को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया तो डिस्चार्ज स्लिप पर मेल शिशु लिखा पाया गया। इस कारण उन्हें शक है कि बच्चों की अदला-बदली हुई है। शिकायतकर्ता ने बच्चे का डीएनए टेस्ट करवाए जाने की मांग की है। अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिताभ जैन ने बताया कि नवजात शिशु के पैदा होते ही मां और बच्चे के पैरों व हाथों के निशान व दो रजिस्ट्रों में एंट्री की जाती है, जिनमें बाकायदा फीमेल की एंट्री की गई है। आरोप निराधार हैं। अस्पताल प्रबंधन हर जांच के लिए तैयार है।

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