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बजट पर चर्चा के दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने उठाया सवाल

परिवहन मंत्री बोले, यह आपकी सरकार के मंत्री का किया धरा

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
सोमवार को बजट पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस विधायक दल नेता मुकेश अग्निहोत्री ने सरकार से सवाल पूछा कि पंजाब के बादल परिवार की वोल्वो बसें हिमाचल में कैसे दौड़ रही हैं? ये सब किसी अनुमति से हो रहा है? ऐसे तो हमारे आपरेटर खत्म हो जाएंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने सुखबीर बादल परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए वोल्वो बसें चलाने की अनुमति दी है।

यहां तक कि प्रदेश के पर्यटन स्थलों से दिल्ली व अन्य क्षेत्रों के लिए ये वोल्वो बसें चलाने के लिए रूट भी खरीद लिए हैं। उन्होंने परिवहन मंत्री गोबिंद ठाकुर से पूछा कि यह किसकी सहमति से हो रहा है? परिवहन मंत्री गोबिंद ठाकुर ने आरोपों का पलटवार करते हुए कहा कि प्रदेश की जयराम सरकार अवैध तरीके से वोल्वो चलने नहीं देगी।

उन्होंने कहा कि जो बातें मुकेश अग्रिहोत्री कह रहे हैं, ये सब पूर्व की कांग्रेस सरकार की देन है। मंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार में जो परिवहन मंत्री रहे वे सड़क किनारे खड़े होकर बाहरी राज्यों की वोल्वो बसों का निरीक्षण करते थे, लेकिन अपने चहेतों को अनुमति दे देते थे। पूर्व परिवहन मंत्री वोल्वो बसों के मालिकों को धमकाते थे, लेकिन बीजेपी सरकार ऐसा नहीं करेगी। नियमों के मुताबिक प्रदेश में वोल्वो बसें चलेंगी।

किन्नौर में दोहरा कानून क्यों?

कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश ने सीएम को भेजा पत्र

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला
कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिखकर किन्नौर जिले में दोहरा कानून लगाने पर आपत्ति जताई है। मुकेश अग्निहोत्री ने लिखा है कि 1983 से व्यवस्था थी कि सभी जनजातीय जिलों में जिला परियोजना सलाहकार समिति के लोकल एरिया डेवलपमेंट कमेटी और स्पेशल एरिया डेवलपमेंट कमेटी के अध्यक्ष विधायक ही होते थे।

इस बार भाजपा किन्नौर में चुनाव क्या हारी, सरकार ने किन्नौर में डीसी को कमेटी का अध्यक्ष बना दिया, जबकि पांगी, भरमौर और लाहौल में विधायक ही कमेटी के मुखिया हैं। मुकेश ने लिखा है कि इस बारे में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में चर्चा हुई है और सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई है। वहीं, साडा में भी 2006 से विधायक ही चेयरमैन होते थे। इसे भी अब बदल दिया गया। इसलिए इस बारे में बिना देर किए संशोधन के निर्देश दिए जाएं। इस बारे में किन्नौर के विधायक जगत सिंह नेगी बजट चर्चा या किसी अन्य माध्यम से अब मामला विधानसभा में भी उठा सकते हैं।

अभी नहीं मिली है ऐसी कोई अधिसूचना : डीसी

डीसी किन्नौर गोपाल चंद ने संपर्क करने पर बताया कि सरकार से साडा फंड को लेकर अधिसूचना की प्रति मिली है। इसमें सभी जनजतीय क्षेत्रों में अब विधायक की जगह डीसी ही चेयरमैन हैं। जहां तक जिला परियोजना सलाहकार समिति की बात है, तो इस बारे में कोई आदेश सरकार की ओर से नहीं मिले हैं।

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