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कैबिनेट के फैसले

नई पर्यटन नीति मंजूर, टी-टूरिज्म को हटाया सरकार ने

सीनियर मोस्ट लेक्चरर अब स्कूल के वाइस प्रिंसिपल होंगे

पांवटा के यमुना शरद महोत्सव को मिला राज्य स्तरीय दर्जा
पिछड़े क्षेत्रों में पर्यटन परियोजनाएं स्थापित करने को मिलेगा पूंजी निवेश उपदान
हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में पर्यटन के समग्र विकास के लिए नई पर्यटन नीति-2019 को मंजूरी दी गई। नई नीति में ईको पर्यटन, जैविक कृषि पर्यटन, स्नो पर्यटन, झील पर्यटन, साहसिक पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक एवं धरोहर पर्यटन, स्वास्थ्य एवं वेलनेस पर्यटन और फिल्म पर्यटन आदि को जोड़ा गया है, लेकिन टी-टूरिज्म जैसे विवादित विषय को हटा दिया गया है। लैंड सीलिंग एक्ट में कवर होने के कारण इस मसले पर पहले ही काफी विवाद हो चुका है। नई नीति का मुख्य उद्देश्य पर्यटन गतिविधियों में विविधता लाकर पर्यटन के सतत विकास को सुनिश्चित बनाना, पर्यटन उद्योग के लिए मानव संसाधन श्रमशक्ति विकसित करना तथा सभी वर्ग के पर्यटकों को सुरक्षित सुविधाएं प्रदान करना है।

मंत्रिमंडल ने पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश के पिछड़े रहे क्षेत्रों में पर्यटन परियोजनाएं स्थापित करने के लिए पूंजी निवेश उपदान देने का फैसला भी लिया है। इन पर्यटन इकाइयों के लिए सड़क और जलापूर्ति जैसी आधारभूत सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर देने का प्रण इस नीति में है। ये पहली बार है कि टूरिज्म पॉलिसी में निवेश सब्सिडी देने का फैसला हुआ है। मंत्रिमंडल ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में प्रवक्ताओं में से सबसे वरिष्ठ प्रवक्ता को उप प्रधानाचार्य नामित करने का भी निर्णय लिया। मंत्रिमंडल ने सिरमौर के पांवटा साहिब में यमुना शरद महोत्सव को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा देने का निर्णय लिया है।

10 जिलों की 428 पंचायतें वन प्रोजेक्ट में

मंत्रिमंडल ने प्रदेश के लिए भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा स्वीकृत संसाधन सृजन एवं पर्यावरण संवद्र्धन एकीकृत विकास परियोजना के तहत 10 जिलों की 428 ग्राम पंचायतों को इस परियोजना में शामिल करने को अपनी संस्तुति दी, ताकि इन पंचायतों के वन क्षेत्रों के साथ लगती कृषि भूमि में प्राकृतिक संसाधनों का सदुपयोग करके इसमें सुधार लाया जा सके।

सिंगल यूज प्लास्टिक का रेट 75 रुपये तय

मंत्रिमंडल ने नॉन रिसाइकल प्लास्टिक वेस्ट तथा सिंगल यूज प्लास्टिक वेस्ट की पुन: खरीद के लिए नीति को भी स्वीकृति दी, जिसके तहत 75 रुपये प्रति किलो की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। यह दाम घरों से कूड़ा कचरा एकत्रित करने और उसे शहरी स्थानीय निकायों के पास जमा करने की एवज में निर्धारित किया, ताकि प्रदेश में स्वच्छता बनाई रखी जा सके।

171.77 करोड़ के नए उद्योगों को दी मंजूरी

सिंगल विंडो में उद्योग विभाग ने रखे थे कुल 16 प्रस्ताव

599 लोगों को रोजगार मिलेगा इन प्रस्तावित नए उद्योगों में
हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई सिंगल विंडो की बैठक में प्राधिकरण ने 171.77 करोड के नए उद्योग स्थापित करने व विस्तार के लिए 16 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें 599 लोगों की रोजगार मिलेगा जो कि यह दर्शाता है कि राज्य सरकार आर्थिक मंदी के बावजूद लगातार निवेश को आकर्षित करने में सफल रही है। प्राधिकरण द्वारा मंजूर किए नए प्रस्तावों में मैसर्ज अमर हाईटेक इंजीनियरिंग इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्ज खुशी स्टील इंडस्ट्रीज सोलन, मैसर्ज राजू एंटरप्राइजेज सिरमौर, मेसर्ज ब्रदर्स स्मॉल आम्र्स प्राइवेट लिमिटेड कांगड़ा तथा मेसर्ज न्यूजैनिक फार्मा प्राइवेट लिमिटेड सोलन शामिल हैं।

जिन प्रस्तावों को विस्तार के लिए मंजूरी दी गई है उनमें मेसर्ज पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड यूनिट 1, 2 और 3 जिला सिरमौर, मेसर्स यंगमैन सिंथेटिक्स जिला ऊना, मेसर्ज जिलेट इंडिया लिमिटेड जिला सोलन, मैसर्ज इम्यूनेटिक लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड जिला ऊना, मैसर्ज पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड जिला सोलन, मैसर्ज सिल्वन ग्रीन्स प्राइवेट लिमिटेड जिला सोलन, मैसर्ज एलिन इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड जिला सोलन, मेसर्ज ग्रीनलेम इंडस्ट्रीज लिमिटेड जिला सोलन तथा मैसर्ज आमेर सिल केटेक्स प्राइवेट लिमिटेड जिला ऊना शामिल हैं। निदेशक उद्योग हंसराज शर्मा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया। उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार, प्रधान सचिव राजस्व ओंकार चंद शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, ग्रामीण विकास और पंचायती राज सचिव डॉ. आरएन बत्ता, प्रबंध निदेशक एचपीएसईबीएल जेपी काल्टा और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

शिमला में मिनी कान्क्लेव आज

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर नवंबर में धर्मशाला में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के तहत शिमला में मंगलवार को मिनी कान्क्लेव करेंगे। इसमें निवेशकों को बुलाया गया है। दोपहर 11 बजे होटल पीटरहाफ में ये कार्यक्रम शुरू होगा। इसमें करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर भी होंगे। इससे पहले 11 सितंबर को मनाली में ऐसा ही एक कान्क्लेव हो चुका है।

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लैपटॉप खरीद को हरी झंडी

अरसे से फंसे टेंडर को क्लीयर किया कैबिनेट ने

एसर और एचपी को 60:40 के अनुपात में सप्लाई

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला

राज्य मंत्रिमंडल ने लंबे अरसे से फंसे लैपटाप खरीद के टेंडर को क्लीयर कर दिया है। मंत्रिमंडल ने प्रदेश में वर्ष 2017-18 और 2018-19 के लिए छात्र डिजिटल योजना के तहत 10वीं व 12वीं के मेधावी विद्यार्थियों को 9700 लैपटॉप खरीदने और वितरित करने को भी अपनी स्वीकृति प्रदान की। इसके लिए अब अतिरिक्त लागत को राज्य सरकार वहन करेगी। टेंडर में रेट बराबर आने के कारण अब दोनों कंपनियों को सप्लाई आर्डर दिया जाएगा। इसमें एसर और एचपी को 60:40 के अनुपात में सप्लाई का आर्डर अब जाना है।

हालांकि लंबा विवाद होने के बाद शिक्षा मंत्री इस टेंडर को रद करना चाहते थे। उन्होंने कैबिनेट के सामने भी अपनी तर्क रखे, लेकिन टेंडर की प्रक्रिया के पूरा होने और लैपटॉप आबंटन में पहले ही हो चुकी देरी के बाद कैबिनेट ने ये खरीद करने का फैसला लिया। कहा गया कि चूंकि इस बार कालेज स्टूडेंट्स को भी लैपटाप देने के कारण 18 करोड़ की लागत 23 करोड़ तक गई है, इसलिए इस लागत को अब सरकार वहन करेगी।

कई स्कूल अपग्रेड, विज्ञान-कॉमर्स कक्षाएं दीं

बिलासपुर जिला के घुमारवीं क्षेत्र के राजकीय उच्च पाठशाला सोहाल तथा सिरमौर जिला के श्री रेणुका जी क्षेत्र के राजकीय उच्च पाठशाला खडक को आवश्यक पदों के सृजन सहित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया। रामपुर क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुन्नी, सिरमौर के रेणुका क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भरोग तथा भनेर, पांवटा साहिब के गोरखुवाला, शिलाई क्षेत्र के टिंबी, घुमारवीं क्षेत्र के दधोल और बरोटा में विज्ञान की कक्षाएं आरंभ करने का निर्णय लिया गया। घुमारवीं के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी तथा गलैन में आवश्यक पदों के सृजन सहित इनमें कॉमर्स कक्षाएं शुरू होंगी।

वन अफसरों और ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती को मंजूरी

एचएफएस के 7 पद भरेंगे, 17 ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती होंगे

विश्व युद्ध सेनानियों की वित्तीय सहायता अब 10 हजार

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला

राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश में दवाइयों की गुणवत्ता बनाए रखने तथा इस क्षेत्र में निगरानी की कड़ी व्यवस्था लागू करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य सुरक्षा विनियम विभाग में ड्रग इंसपेक्टरों के 17 पदों को अनुबंध आधार पर सीधी भर्ती से भरने को भी स्वीकृति प्रदान की। मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग में अनुबंध आधार पर सीधी भर्ती से 22 कनिष्ठ कार्यालय सहायक आईटी के पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रिमंडल ने वन विभाग में सीधी भर्ती के माध्यम से हिमाचल प्रदेश वन सेवाओं के 7 पदों को भरने का भी निर्णय लिया।

मंत्रिमंडल द्वारा लोक निर्माण विभाग में 26 दैनिक भोगी के नेपाली मूल के विभिन्न वर्गों के कर्मियों को भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में छूट प्रदान करके इनकी सेवाओं को नियमित करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने द्वितीय विश्व युद्ध सेनानियों को उपलब्ध करवाई जा रही वित्तीय सहायता को प्रथम सितंबर 2019 से 3000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 10000 रुपये प्रतिमाह करने तथा उनकी विधवाओं को दी जा
रही सहायता को 3000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने को भी स्वीकृति प्रदान की।

पूरे प्रदेश में चलेगी एक बूटा बेटी के नाम योजना

प्रदेश में बेटियों तथा पौधों दोनों की रक्षा करने और इनके पालन पोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बूटा बेटी के नाम योजना को लागू करने को अपनी स्वीकृति प्रदान की, ताकि प्रदेश में लोगों को इन दोनों ही महत्वपूर्ण पहलुओं से भावनात्मक रूप से जोड़ा जा सके।

बजट प्रारूप बदलने से पीछे हटी सरकार

कैबिनेट के एजेंडे से विदड्रा किया गया यह विषय

फिलहाल पुरानी प्रणली को ही लागू रखने पर बल

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में करीब छह दशक बाद राज्य के बजट का प्रारूप बदलने का फैसला आखिर नहीं लिया गया। कैबिनेट एजेंडे से इस आइटम को विदड्रा कर लिया गया। चर्चा हुई कि फिलहाल वर्तमान प्रक्रिया को ही जारी रखा जाए। इसमें प्रस्ताव था कि राज्य में अब प्लान-नॉन प्लान सिस्टम को मर्ज कर दिया जाए और अगले बजट में केवल रेवन्यू और कैपिटल एक्सपेंडिचर के हिसाब से बजट बनाया जाए।

इससे वार्षिक योजना बनाने की जरूरत नहीं रहनी थी और वर्तमान में गठित प्लानिंग बोर्ड भी एक तरह से गैर जरूरी हो जाना था। वित्त विभाग का तर्क था कि ये फैसला उपलब्ध संसाधनों के सही इस्तेमाल और आबंटन रेशो को दुरुस्त करने के लिए लिया जा रहा है, लेकिन कैबिनेट ने फिलहाल इस फैसले से कदम पीछे खींच लिए हैं। राज्य में करीब 50 के दशक से ही प्लान और नॉन प्लान सेटअप से बजट बनता आया है। ये व्यवस्था तब की केंद्र सरकार ने एक एग्जिक्यूटिव आर्डर से लागू की थी।

मेडिकल टीचर्स की रिटायरमेंट ऐज पर भी नहीं आया मामला

कैबिनेट में राज्य के चार मेडिकल कालेजों यानी नेरचौक, चंबा, नाहन और हमीरपुर के मेडिकल टीचर्स की रिटायरमेंट ऐज 65 से बढ़ाकर 68 साल करने का मामला भी कैबिनेट के सामने रखा ही नहीं गया। संभव है कि अब अगली बैठक में ये फैसला लिया जाए। चूंकि नाहन जिला की पच्छाद सीट पर विधानसभा उपचुनाव भी है, इसलिए चुनाव आचार संहिता में ये फैसला होगा भी कि नहीं, इस पर अब संशय है।

पर्यटन क्षेत्र को संवारेगी नई नीति: भाजपा

भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने की कैबिनेट के निर्णय की तारीफा

शिमला। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने सरकार द्वारा कैबिनेट में लिए गए निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटन नीति 2019 से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। जिसका उद्देश्य राज्य में पर्यटन के समग्र विकास के लिए पारिस्थितिकवाद, कृषि जैविक पर्यटन, हिम पर्यटन, झील पर्यटन पर विशेष ध्यान देना है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य थीम आधारित विकास के माध्यम से पर्यटन विविधीकरण को बढ़ावा देना, स्थायी हस्तक्षेप के माध्यम से राज्य के पर्यटन स्थलों की सुरक्षा करना है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि स्थायी पर्यटन मुख्य रूप से मेजबान समुदायों को लाभ पहुंचे।

मंत्रिमंडल ने राज्य के विकसित क्षेत्रों के तहत पर्यटन परियोजनाओं के लिए पूंजी निवेश सब्सिडी को भी मंजूरी दी और पर्यटन इकाइयों को सड़कों और जल आपूर्ति की पहुंच के लिए अनुदान दिया। उन्होंने सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने के निर्णय का स्वागत किया और कहा इस निर्णय से हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार नौजवाओ को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

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