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hrtc bus powered off

रास्ते में कहीं भी ठीक नहीं करवाई गईं बस की लाइटें

मोबाइल की रोशनी में ही टिकटें काटता रहा परिचालक

सुरेंद्र कटोच। हमीरपुर
एचआरटीसी की लंबे रूट पर जाने वाली बस की अंदर की बत्ती गुल होने पर भी परिचालक ने उसे रास्ते में कहीं भी ठीक करवाना उचित नहीं समझा और बस को अंधेरे में ही गंतव्य स्थान तक मोबाइल की रोशनी से टिकटें काट कर पहुंचा दिया। अचानक बस की अंदर की लाइटें खराब हो गईं। बस के चालक-परिचालक निगम की अव्यवस्था को कोसते रहे और सवारियां परेशान होती रहीं।

दो दिन पहले स्थानीय डिपो की एचआरटीसी की बस एचपी 67-3025 अवाहदेवी से कटड़ा गई। सवारियों की माने तो बस अभी जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर पहुंची ही थी कि उसके अंदर की लाइटें खराब हो गईं। ऐसे में परिचालक ने मोबाइल व अन्य साधनों से टिकट काटना शुरू कर दिया। इससे भी बड़ी परेशानी सवारियों को उस समय हुई जब बस के अंदर शरारती तत्वों ने बस में बैठी युवतियों की हूटिंग करना शुरू कर दी।

जब परिचालक ने युवकों को रोकने का प्रयास किया तो उसके साथ उन्होंने बदतमीजी पेश आना शुरू कर दिया और कुछ दूरी पर बस आगे बढ़ी तो भारी बरसात होने के कारण बस से पानी टपकना शुरू हो गया। कई यात्रियों का तो सामान ही बस में गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया। सवारियों ने परिचालक से बात की तो उसने कहा कि इसमें वह क्या कर सकता है, जो विभाग द्वारा गाड़ी दी जाती है उसे लेकर चल पड़ते हैं।

बता दें कि इन दिनों शिक्षण संस्थाओं में अवकाश के कारण काफी लोग अपने परिजनों सहित वैष्णो देवी जा रहे हैं। इस संदर्भ में एचआरटीसी के ट्रैफिक मैनेजर कुशल कुमार ने बताया कि वह कर्मियों व अधिकारियों से इस बारे में पूछताछ करेंगे कि किसकी लापरवाही के कारण यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा। इसमें जो भी अधिकारी या कर्मी दोषी होंगे, उन पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लखनपुर ढाबे के बारे में कहा कि इसकी छानबीन कर संबंधित ढाबे की मान्यता समाप्त का दी जाएगी।

लखनपुर में ढाबा मालिक ने की मनमानी

बस जैसे-तैसे लखनपुर पहुंची। यहां चालक व परिचालक खुद तो ढाबे में बने एक कैबिन में चले गए और बाहर खाने की वसूली अधिक लेने एवं खाना ठीक न होने को लेकर सवारियों के सवाल पर ढाबे वाले तानाशाही पर उतर गए। हैरानी की बात तो यह है कि चालक-परिचालक ने सवारियों की कोई तरफदारी नहीं की।

ढाबे में 100 रुपये से नीचे कोई खाने की थाली नहीं थी। यात्रियों ने चालक-परिचालक से शिकायत की तो उन्होंने कहा कि इस बारे में वे कुछ नहीं कर सकते। यह तो विभाग द्वारा चयनित ढाबा है। उन्होंने बताया कि चालक परिचालक को भी खाना उचित नहीं मिलता तो यात्रियों को क्या मिलेगा।

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