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कई मसलों पर संगठन से थी तकरार, चुनाव व अनदेखी से थीं आहत

राजीव भनोट। ऊना
एकाएक ऐसा क्या हुआ कि भाजपा में मजबूत जड़ें रखने वाली महिला नेत्री इंदु गोस्वामी ने संगठन के अनुशासन के पाठ को पीछे छोड़ते हुए त्यागपत्र दे आगे बढऩे का फैसला ले लिया। विधानसभा चुनाव लडऩे और हारने के बीच में जो कुछ भी हुआ, वह किसी से छुपा नहीं है। सरकार आने के बाद इंदु गोस्वामी प्रथम पंक्ति में शामिल नहीं हो पाईं। लोकसभा चुनावों में उन्हीं के खिलाफ चुनाव लड़े भाजपा के बागी प्रवीण शर्मा की वापसी करवा ली गई।

चुनाव में भी इंदु गोस्वामी किशन कपूर के साथ नहीं दिखीं। न तो संगठन और न ही सरकार में काम हो पा रहे थे, न ही सुनवाई। ऐसे में इंदु गोस्वामी ने पूरा मसला मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती व संगठन मंत्री पवन राणा के समक्ष भी उठाया। बताते हैं कि इस दौरान भी इंदु गोस्वामी को कोई संजीवनी नहीं मिली। इसी दौरान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती के साथ इन्हीं मसलों को लेकर इंदु गोस्वामी की तनातनी भी हुई और दोनों के बीच खूब गरमा-गरम बहस हो गई।

तभी से दोनों की तकरार के बीच इंदु गोस्वामी कुछ असहज भी महसूस करने लगीं। अंतत: इंदु गोस्वामी पर त्यागपत्र देने का दबाव भाजपा नेतृत्व की ओर से हो गया। इससे पहले कि कोई और कदम उठता। इंदु गोस्वामी ने राजनीतिक पहल करते हुए खुद ही पद छोड़ गेंद भाजपा के पाले में डाल दी। शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि वर्षों से संगठन के काम में लगी इंदु गोस्वामी ऐसा कदम उठाएंगी, लेकिन संगठन के आला नेता के साथ तानातनी ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

यही नहीं इंदु गोस्वामी को पालमपुर में यह भी गिला रहा कि उन्हें शांता कुमार का सहयोग नहीं मिला। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार भी उनके विरोधियों को हवा देते रहे। मंडल के कुछ लोग भी इंदु के विरुद्ध रहे। ऐसे में अब इंदु गोस्वामी भाजपा मुक्त हो आगे किस रणनीति के तहत बढ़ेगी, यह देखने वाला होगा।

त्यागपत्र की बात कैसे हुई लीक : इंदु गोस्वामी

बैजनाथ। भाजपा महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देने वाली इंदु गोस्वामी ने फिलहाल त्यागपत्र को लेकर किसी भी प्रकार की टिप्पणी करनेे से इंकार कर दिया। हालांकि उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष के कहने पर अपना त्यागपत्र पार्टी के बड़े नेताओं व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को भेजा था, लेकिन अचानक यह बात कैसे लीक हो गई। उनका कहना था कि उन्होंने पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए पूरे प्रदेश में जमीनी स्तर पर कार्य किया है।

माना जा रहा है कि बैजनाथ निवासी गोस्वामी को पालमपुर के नेता उनको पालमपुर से टिकट मिलने के बाद से पचा नहीं पा रहे थे और गत कुछ माह से उनकी हर मोर्च पर अनदेखी हो रही थी। पार्टी का टिकट मिलने के बाद हार का सामना करने पर भी इंदु को पालमपुर से 20 हजार मत प्राप्त हुए थे और अब यह 20 हजार लोग उनसे उम्मीद लगाए बैठे थे।

कुछ माह से असमंजस की स्थिति में रहने के बाद और लोगों के काम न होने से आहत इंदु गोस्वामी को त्यागपत्र देने जैसा निर्णय लेना पड़ा है। गोस्वामी ने कहा कि वह इस बात पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि उन्होने अपनी बात संगठन के समक्ष रख दी थी और जो भी निर्णय होगा वह उनके लिए मान्य होगा।

यह है इंदु गोस्वामी का त्यागपत्र नमस्कार जी,

समस्त भाजपा प्रदेश नेतृत्व का आभार कि आपने मुझे महिला मोर्चा अध्यक्ष का दायित्व देकर मुझे प्रदेश की महिलाओं को पार्टी से जोडऩे का जिम्मा दिया। मैंने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया भी, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष बनने से लेकर मेरे विधानसभा चुनाव लडऩे तक मुझे कई विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन मेरा विधानसभा चुनाव लडऩा प्रदेश संगठन और सरकार दोनों को शायद सुखद नहीं लगा। बहुत बार अपनी परिस्थिति से प्रदेश सरकार नेतृत्व और सरकार को अवगत करवाया, लेकिन समस्या कम होने की बजाय बढ़ती गई।

पिछले 32 वर्षों से भी अधिक समय से मैं पार्टी में विभिन्न पदों पर कार्यरत रही हूं। पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी, उसके अनुसार मैंने कार्य किया है। लेकिन पहली बार प्रदेश नेतृत्व से आहत हुई हूं। मेरे साथ ऐसा व्यवहार होगा, मैंने ऐसा सपने में भी नहीं सोचा था। बहुत दिन सोचने के बाद मैं इस निर्णय पर पहुंची हूं कि ऐसी परिस्थितियां जिनमें प्रदेश नेतृत्व व सरकार मुझ से खुश न हो तो मुझे अपने आपको सभी दायित्व से मुक्त कर लेना चाहिए।

इसलिए मैं सहज स्थिति बनाते हुए अपने आपको पार्टी के सभी दायित्वों से मुक्त करते हुए महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष के पद से त्यागपत्र दे रही हूं, ताकि पार्टी किसी अन्य नेत्री को दायित्व दे सके, जो नेतृत्व के साथ तालमेल रखते हुए कार्य कर सके। चूंकि मैंने पालमपुर से विधानसभा चुनाव लड़ा है, इसलिए वहां की जनता को आज भी मुझ से बहुत उम्मीदें हैं।

अगर पालमपुर की जनता के काम नहीं हो पा रहे हैं, तो जनता मुझे ही कोस रही है, क्योंकि वहां के 20 हजार वोटर ने मुझ में विश्वास व्यक्त किया था, इसलिए मेरा दायित्व बनता है कि मैं पालमपुर की जनता से अपील करते हुए माफी मांगू। मैं दिल्ली में हूं, बैजनाथ पहुंचते ही पालमपुर की जनता को धन्यवाद सहित एक अपील जारी करते हुए प्रदेश नेतृत्व व सरकार की इच्छा अनुसार वहां से अपने आपको जिम्मेदारी मुक्त कर लूंगी, ताकि सरकार और प्रदेश संगठन अपनी इच्छा अनुसार अपना नुमाइंदा घोषित कर सकें और वहां की जनता को निराश व हताश न होना पड़ा।

धन्यवाद सहित

इंदु गोस्वामी, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा व 2017 उम्मीदवार विधानसभा क्षेत्र, पालमपुर

तिथि 9 जुलाई, 2019

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