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निचली अदालत से बरी डाकिए को सेशन कोर्ट ने सुनाई तीन साल की सजा

  • दोषी को10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
  • जुर्माना न अदा करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा

हिमाचल दस्तक। हमीरपुर
निचली अदालत सेे बरी हुए एक डाकिए को सेशन न्यायलय में हुई अपील के बाद 3 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोषी डाकिए पर आरोप है कि वह मृत व्यक्तियों की पेंशन जाली अंगूठे लगाकर हड़पता रहा। जिला न्यायवादी सीएस भाटिया ने जानकारी दी है कि बोध राज गांव प्लासी डाकघर बड़ा तहसील नादौन डाक सेवक के पद पर कार्यरत था।

सोमवार को माननीय जिला एवं सत्र न्यायलय ने आरोपी को खुद ही एमओएस पर निशान अंगूठा लगाकर हड़प करने पर तीन साल की साधारण कारावास व 10 हजार रुपये जुर्मान की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास होगा। सोमवार को राकेश कैंथला माननीय सत्र न्यायधीश हमीरपुर ने दोषी के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर यह सजा सुनाई।

जिला न्यायवादी सीएस भाटिया के अनुसार 23 जून, 2006 को पोस्ट ऑफिस हमीरपुर के इंस्पेक्टर देव राज ने थाना नादौन में शिकायत दर्ज करवाई थी कि पोस्टमैन वोध राज मझियार ने विजय कुमार पोस्ट मास्टर मझियार के साथ मिलीभगत करके प्रीतम चंद गांव पुखरु पलाखर, जिसकी मृत्यु 1 मई, 2003 को हो चुकी है, जिसके एमओएस दिनांक 16 सितंबर, 2003, 6 नवंबर, 2003, 28 जनवरी, 2004 व 12 मई, 2004 तक खुद ही बोध राज व विजय कुमार से हस्ताक्षर करके मुवाकिल 2400 रुपये खुद प्राप्त कर लिए। इसी तरह जसवंत सिंह गांव पुखरु पलाखर, जिसकी मृत्यु 15-2-2002 को हो चुकी थी, जिसकी एमओएस दिनांक 13 मई, 2003 से 11 फरवरी, 2004 तक की राशि 5650 रुपये आरोपी बोध राज व विजय कुमार ने हस्ताक्षर करके व निशान अंगूठा लगाकर हड़प कर लिए थे।

इस रिपोर्ट पर थाना नादौन में मुकदमा नंबर 102/2006 दर्ज हुआ था। इसकी सुनवाई नादौन में हुई थी। दिनांक 7 अप्रैल, 2017 सुभाष चंद्र मसीन माननीय एसीजेएम नादौन ने दोनों दोषियों को बरी कर दिया था। जिसपर सरकार द्वारा माननीय सत्र न्यायलय हमीरपुर में 25 मई 2017 को अपील की गई थी। 22 अप्रैल को आरोपी बोध राज के खिलाफ जुर्म साबित होने में यह सजा सुनाई है तथा विजय कुमार को बरी कर दिया गया है।

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