dead cat water

सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग की खुली पोल

  • विभाग ने पूरी बरसात में इस टैंक की सफाई एक बार भी नहीं की।
  • ओर ऊपर से खुला छोड़ दिया ताकि लोगों को दूषित पानी पिलाया जाए।
  • पानी के टैंक में मर गई बिल्ली फिर भी लोगों तक वही पानी पहुंचाया गया।
  • बिल्ली सड़ चुकी थी और फूल कर ऊपर पानी मे तैर रही थी।
  • ग्रामीणों द्वारा शिकायत करने पर वाटर गार्ड ने जमाया रॉब।
ललित ठाकुर । पधर 
एक तरफ सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग लोगो को स्वच्छ पानी पिलाने की बात करता है ओर समय समय पर टैंक की सफाई की हामी भरता है। वहीँ दूसरी ओर विभाग लोगों को मरी हुई बिल्ली युक्त पानी पूरी बरसात पिलाता रहा। यह घटना है ग्रांम पंचायत साहल के गलियानी नाले की। जहां पर सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग लोगों के स्वास्थ्य की परवाह किए बिना उन्हें पूरी बरसात पानी में मरी हुई सड़ गल चुकी बिल्ली का पानी पिलाता रहा। उपमंडल पधर की ग्रांम पंचायत पाली के साहल के गलियानी नाला में IPH विभाग द्वारा एक फिल्टर टैंक का निर्माण किया गया है।

नाम के फिल्टर टैंक से तीनो गांवों को है पानी की सप्लाई

इस बरसात में टैंक एक बिल्ली मृत पाई गयी। लेकिन विभाग ने पूरी बरसात में इस टैंक की सफाई एक बार भी नहीं की। जिस कारण  माणा, राकड ओर घडोपा गांव के लगभग 60 परिवारो के तीन सौ लोगो को दूषित पानी पीना पड़ा। हालांकि विभाग ने साहल के गलियानी नाले में लोगों की पीने के पानी के लिए फिल्टर टैंक का निर्माण किया ओर ऊपर से खुला छोड़ दिया ताकि लोगो को दूषित पानी पिलाया जाए। नाम के फिल्टर टैंक से तीनो गांवों को पानी की सप्लाई भी विभाग ने दे रखी है और विभाग की ओर से एक वाटर गार्ड की तैनाती भी उक्त टैंक की देख रेख में कर रखी है लेकिन उसके बाद भी पानी के टैंक की सफाई विभाग द्वारा समय समय पर नही की जाती है।

बुरी तरह सड़ गल चुकी थी बिल्ली dead cat water

ग्रामीण तारा चंद , बुद्धि सिंह , मनीष , केवल कृष्ण , लेख राम , चुन्नी लाल , जितेंद्र ओर सुरेश कुमार ने बताया कि सिंचाई एवं जनसवास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण लोगो को पूरी बरसात गन्दा पानी पीना पड़ा। जब लोगो ने टैंक में मरी हुई बिल्ली देखी तो वहः पूरी तरह से सड़ चुकी थी और फूल कर ऊपर पानी मे तैर रही थी।  लोगो ने बताया कि जब इस बिल्ली को टैंक से बाहर निकाला गया तो वहः पूरी तरह से सड़ गल चुकी थी।

ग्रामीणों द्वारा शिकायत करने पर वाटर गार्ड ने जमाया रॉब

जब इस बाबत वाटर गार्ड को बताया तो वह उल्टा ग्रामीणों में रॉब जमाने लगा। हालांकि बिल्ली को टैंक से लोगो ने ही निकाला। लोगो ने बताया कि वाटर गार्ड की लापरवाही से ही लोगो को दूषित पानी पीना पड़ा। लोगो ने विभाग को चेताते हुए बताया कि वाटर टैंक में लगाया गया वाटर गार्ड को तुरंत वहां से हटाया जाए और टैंक में ढक्कन का निर्माण किया जाए या तार युक्त बाद लगाया जाए ताकि लोगो को स्वच्छ जल मुहैया हो। अन्यथा विभाग के प्रति लोगो को सड़को पर उतरना पड़ेगा।
SDO पधर विवेक हाजरी ने बताया कि जैसे ही मुझे बिल्ली मरने की बात का पता चला तो में दूसरे दिन साइट पर गया और टैंक की सफाई करवा कर सारा पानी बाहर निकाला और स्वच्छ पानी की सप्लाई लोगो को दी गयी।

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