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Jairam collides with opposition

सवाल उठाने पर गुस्सा हुए, बोले-लोगों को राहत देने का है यह कार्यक्रम, पहले किसी सरकार ने ऐसा कदम नहीं उठाया जितना खर्चा होगा, करेंगे

हिमाचल दस्तक ब्यूरो। शिमला:  विधानसभा में पहली बार मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गुस्से वाला रूप सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान दिखा। कांग्रेस विधायकों मुकेश अग्रिहोत्री, नंदलाल और जगत सिंह नेगी द्वारा इस कार्यक्रम पर सवाल उठाने पर वह गुस्सा हो गए।

सीएम ने कहा कि अब तक किसी सरकार ने ऐसा कार्यक्रम नहीं चलाया। यह जनता की दुश्वारियां उनके पास जाकर दूर करने का अभियान है और जारी रहेगा। इसमें सरकार ये सुनिश्चित कर रही है कि फिजूलखर्ची न हो, लेकिन इसके लिए जितना खर्चा करना पड़ेगा, सरकार करेगी। कांग्रेस विधायकों ने दरअसल पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर से सवाल पूछा था कि जनमंच पर कितना खर्चा हुआ है? मंत्री ने जवाब दिया कि 95 जनमंच कार्यक्रमों पर 1.67 करोड़ खर्चा आ चुका है। अभी तक इस बीच हुए 11 और जनमंच का हिसाब इसमें जुडऩा है।

उन्होंने कहा कि प्रति जनमंच दो लाख रुपये का सामान्य खर्चा तय है। इनमें अपनी समस्याएं सरकार के सामने रखने आने वाले लोगों के लिए बैठने का इंतजाम और सहभोज शामिल है। लेकिन इसके बाद जब जगत सिंह नेगी ने पूछा कि क्या सरकार इसका आडिट करवाएगी और ये हर जनमंच का खर्चा अलग-अलग है, इसलिए ये बंदरबांट क्यों हो रही है? इस अनुपूरक सवाल पर सीएम को गुस्सा आ गया। जयराम ने कहा कि इसमें जो खोदने की कोशिश आप लोग कर रहे हो, उसमें कुछ नहीं मिलेगा। इस खर्च का ऑडिट पहले से होता है।

जनमंच में खाना लोगों के लिए बनाया जाता है। इसमें आया मंत्री और अफसर भी वही सादा खाना खाते हैं, जो लोगों के लिए बना होता है। हम फिजूलखर्ची के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन जितने खर्चे की जरूरत इसके लिए होगी, वह करेंगे। इसी बीच जब रामपुर से कांग्रेस विधायक ने कुछ बोलने के लिए पहले सीएम को बैठने का इशारा किया तो सीएम ने ये कहते हुए डांट दिया कि आप बैठिए। इस पर विपक्ष में भी प्रतिक्रिया हुई और दोनों और से विधायकों मेें बहसबाजी शुरू हो गई, जिसे विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज ने शांत करवाया।

 

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