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jbt recruitment

किसी भी जिले की काउंसलिंग में भाग लेने की छूट पड़ रही भारी

  • हर जिले की मेरिट लिस्ट हो जाएगी प्रभावित
  • विभाग दे रहा कोर्ट के आदेशों की दुहाई

हिमाचल दस्तक। मंडी
प्रदेश में जेबीटी की बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवार को किसी भी जिले में काउंसलिंग देने की दी गई छूट अब सब पर भारी पडऩे लगी है। जिस कारण यह भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गौरतलब यह है कि उम्मीदवार किसी भी जिले से संबंध रखता हो लेकिन वह किसी भी जिले की जेबीटी बैचवाइज भर्ती की काउंसलिंग में शामिल हो सकता है। इस बार प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने उम्मीदवार को हर जिले की काउंसलिंग में शामिल होने की छूट दे रखी है, जो अब अधिकारियों और काउंसलिंग में आए उम्मीदवारों पर भी भारी पड़ रही है, जिससे जहां हर जिले की मेरिट लिस्ट प्रभावित हो जाएगी, वहीं हर उम्मीदवार काउंसलिंग के लिए हर जिले में पंहुच जाएगा।

इससे भर्ती स्थल पर उम्मीदवारों की भीड़ बढ़ जाएगी। मंडी में आज से शुरू हुई इस भर्ती प्रक्रिया में यह नजारा स्पष्ट दिखाई दिया। हैरानी यह है कि कोई पांच बार कांउसलिंग के लिए इंटरव्यू देगा तो कोई दस बार काउंसलिंग में भाग लेगा। कोई भी उसे ऐसा करने से नहीं रोक पाएगा। विभाग ने उसे छूट प्रदान कर रखी है हालांकि सरकार और विभाग चाहता तो ऐसा करने से उम्मीदवारों को रोका जा सकता था लेकिन विभाग कोर्ट की दुहाई दे रहा है कि कोर्ट के आदेशों से ही यह सब किया जा रहा है।

जेबीटी के ट्रेंड शिक्षकों ने इस तरह की जा रही भर्तियों पर रोष प्रकट किया

जाहिर है कि यदि फिलहाल तो इस भर्ती प्रक्रिया से यदि कोई उम्मीदवार दो या तीन जिलों में चयनित हो जाता है तो एक ही जगह वह सेवाएं दे पाएगा। इससे दो जिलों के पद फिर खाली हो जाएंगे। इतना ही नहीं दूसरे जिलों से उम्मीदवारों के कारण काउंसलिंग में भीड़ भी साफ नजर आ रही है इससे काउंसलिंग करने वाले अधिकारी भी परेशान होने लगे हैं। जेबीटी के ट्रेंड शिक्षकों ने इस तरह की जा रही भर्तियों पर रोष प्रकट किया है।

मंडी में काउंसलिंग में हिस्सा लेने आए अभ्यार्थियोंं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन विभाग द्वारा जिला कैडर होते हुए भर्ती में अन्य जिला के अभ्यर्थियों को शामिल करने से आरएडंपी को दरकिनार कर दिया है। वहीं शिक्षा उपनिदेशक केडी शर्मा ने कहा कि कोई भी उम्मीदवा किसी भी जिला की काउंसलिंग में भाग ले सकता है । कोर्ट के आदेशों के बाद ही यह नियम बनाया गया है । इससे परेशानी तो आ रही है लेकिन कुछ नहीं कर सकते हैं।

प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी जताया विरोध

राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जेबीटी को जिला कैडर होते हुए अन्य जिलों के अभ्यार्थियों को शामिल करने पर विरोध जताया है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष जी.एस. बेदी, मंडी के जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह ठाकुर व महासचिव रमेश चौहान ने कहा है कि जेबीटी शिक्षक के लिए स्थानीय बोलियों व रीति-रिवाजों की जानकारी होना जरुरी है, जिससे वे नौनिहालों को उन्हें स्थानीय बोली का सहारा लेकर बेहतर ढंग से शिक्षण करवा सके।

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