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Kangra Central Cooperative Bank recruitment scam
हिमाचल दस्तक, अरविंद शर्मा। शिमला

कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक भर्ती घोटाले की जांच लगभग पूरी होने को है। स्टेट विजिलेंस कभी भी एफआईआर दर्ज कर सकती है। इससे पूर्व चेयरमैन और प्रबंधन समेत पूरी चयन समिति की मुसीबतें बढ़ गई हैं। स्टेट विजिलेंस ने पूर्व की कांग्रेस सरकार में की गई क्लर्क पदों की भर्ती में भयंकर गड़बड़ी की पुष्टि की है। इस आधार पर विजिलेंस ने इस भर्ती घोटाले में एफआईआर दर्ज करने की राज्य सरकार से सिफारिश की है।

प्रदेश सरकार विधि विभाग से राय लेने के बाद विजिलेंस को आगामी कार्रवाई करने की अनुमति देगी। सहकारिता विभाग ने केसीसी बैंक की आरंभिक जांच के बाद इस मामले की इन्क्वायरी स्टेट विजिलेंस को भेजी थी। सभी पहलुओं पर गहन जांच के बाद विजिलेंस ने केसीसी बैंक की लिपिक भर्ती में घपले की आशंकाओं पर मुहर लगाई है।

पुख्ता सूचना के मुताबिक विजिलेंस ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि पूर्व सरकार में केसीसी बैंक में लिपिक पदों की भर्ती के लिए जमकर धांधली हुई है। चयन समिति ने अपात्र अभ्यर्थियों को भी भर्ती कर लिया था। माना जा रहा है कि राज्य सरकार इस केस में विजिलेंस को एफआईआर दर्ज करने की अनुमति प्रदान कर देगी। उल्लेखनीय है कि पूर्व वीरभद्र की सरकार के खिलाफ भाजपा ने चार्जशीट दायर की थी। सत्ता में काबिज होने के बाद जयराम सरकार ने इस चार्जशीट को सरकारी दस्तावेज करार देते हुए सभी विभागों को जांच के आदेश दिए थे।

विभागीय जांच के बाद गंभीर गड़बड़ी वाले मामलों को स्टेट विजिलेंस एंड एंटी क्रप्शन ब्यूरो में जांच के लिए भेजा गया था। इनमें केसीसी बैंक भर्ती का मामला भी शामिल है। अहम है कि अपनी जांच रिपोर्ट में स्टेट विजिलेंस ने यह पहला केस सरकार को एफआईआर दर्ज करने की अनुमति के लिए भेजा है।

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