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सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट ने दी Ragging कानून की जानकारी

हिमाचल दस्तक, नूरपुर।। नूरपुर के राजकीय वरिष्ट माद्यमिक पाठशाला में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल शर्मा द्वारा की गई। इस कार्यक्रम में सिविल जज सीनियर डिवीजन कोर्ट की तरफ से अधिवक्ता सोम राज ने शिरकत की और स्कूल के बच्चो को Ragging निषेध कानून के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि Ragging से आशय किसी विद्यार्थी द्वारा अन्य विद्यार्थी विशेषकर परवेश लेने बाले नए विद्यार्थियों के मानसिक अथबा शारीरिक उत्पीडऩ से है। जिसके परिणाम स्वरूप पीडि़त छात्र लज़्ज़ा, मनोवैज्ञानिक दबाब तथा असहज प्रवृत्ति का शिकार होतें है। रेगिंग के अंतर्गत छेड़छाड़ द्वारा दूसरे विद्यार्थी को तंग करना, अभद्र मजाक तथा विद्यार्थियों को किसी ऐसे कार्य करने के लिए बाध्य करना शामिल है।

दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा या 50 हजार रुपए तक का जुर्माना

ऐसी स्थिति में पीडि़त छात्र, सरक्षक अथवा सस्था का अध्यापक और प्रभारी इस संबंध में सस्था के मुखिया को शिकायत कर सकते है। सस्था के मुखिया को सात दिनों के अंदर इस संबंध में जांच करनी होगी। यदि वो उचित समझे तो इस शिकायत को पुलिस थाना में भेज सकता है।

उन्होंने कहा कि Ragging के दोषी पाए जाने पर रेगिंग विरोधी कानून 2009 के तहत तीन साल तक की सजा या 50 हजार रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों सजाय एक साथ देने का परावधान है। इस मौके पर स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल शर्मा,अधिवक्ता सोम राज, सुनील पिंटू, स्कूल का स्टॉफ व स्कूल के बच्चे उपस्थित रहे।

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